अजित पवार का निधन, विमान क्रैश में 5 लोगों की गई जान, DGCA ने की पुष्टि!

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है. इस हादसे में अन्य पांच लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है.

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Shanu Sharma

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है. इस हादसे में अन्य पांच लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है. उनके चार्टर प्लेन में उनके साथ-साथ 1 PSO और 1 अटेंडेंट मौजूद थें. इनके अलावा 2 क्रू मेंबर भी सवार थे. लेकिन इस घटना में किसी की भी जान नहीं बच पाई है. 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में विमान जल कर खाक हो चुका है. वहीं हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे की खबर से ना केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में दुख का माहौल है. 

अजित पवार के परिवार में कितने लोग?

अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे. उन्होंने विभिन्न सरकारों में छह बार उपमुख्यमंत्री पद का शपथ लिया था. पृथ्वीराज चव्हाण, उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में भी उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया. अजित पवार के दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं. उनकी पत्नी का नाम सुनेत्रा पवार है. अजीत पवार ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत चीनी कारखाने के बोर्ड में अपने नाम आने के बाद की थी. इसके बद उन्हें 1991 में पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था. वहीं बारामती संसदीय क्षेत्र से ही उन्होंने लोकसभा में कदम रखा था. हालांकि बाद में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी थी. 

अजित पवार और बारामती का पुराना रिश्ता

बारामती से अजित पवार का गहरा नाता  रहा है. उन्हें बारामती विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधानसभा के लिए चुना गया है. पहली बार उन्हें 1991 फिर  1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 चुना गया था. हर बार वहां की जनता ने अजित पवार पर भरोसा जताया और आज उनका निधन भी बारामती के जमीन पर ही हुआ. अजित पवार का राजनीतिक जीवन सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया जब उन्होंने 2019 में अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर ली. NCP में बगावत के बाद अजित पवार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा बन गए. चुनाव आयोग ने 2024 में अजित पवार के गुट को सही एनसीपी पार्टी बताते हुए चुनाव चिन्ह दिया.