US Israel Iran War

पायलट की लापरवाही से गई 260 लोगों की जान',अहमदाबाद एयर इंडिया हादसे को लेकर आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

अहमदाबाद एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश मामले में 260 लोगों की जान चली गई थी. अब इटली के मशहूर अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने इस मामले में बड़ा दावा किया है.

ANI
Shanu Sharma

अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश मामले की जांच एक साल से चल रही है. रिपोर्ट्स की मानें तो इन्वेस्टिगेटर्स ने जांच पूरी कर ली है और इसे टेक्निकल खराबी नहीं बल्कि एक 'जानबूझकर किया गया काम' बताया है. इटैलियन मशहूर अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपने सोर्स का हवाला देते हुए बड़ा दावा किया है. हालांकि DGCA  द्वारा रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले किसी भी नतीजे पर आना जल्दबाजी होगी. 

रिपोर्ट की मानें तो इस हादसे के कोई टेक्निकल खराबी नहीं बल्कि जानबूझकर किए गए काम की वजह से हुआ था. इस मामले में इन्वेस्टिगेटर्स अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. इस जांच में  US एक्सपर्ट्स की सहायता ली गई है. हालांकि अभी कोई  भी फाइनल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है. 

एयर-इंडिया हादसे पर AAIB ने क्या कहा?

अहमदाबाद में एयर-इंडिया की फ्लाइट 12 जून 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद क्रैश हो गई थी. हालांकि शुरुआत में इसे मैकेनिकल खराबी बताया गया था. लेकिन अब एक रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि यह घटना जानबूझकर किए गए काम की वजह से हुआ है. हालांकि फाइनल रिपोर्ट अभी जारी नहीं किया गया है. जुलाई 2025 में AAIB की तरफ से एक रिपोर्ट जारी किया गया था, जिसमें आखिरी कॉकपिट बातचीत का जिक्र किया गया था.

इसमें एक पायलट को कहते हुए सुना गया कि 'तुमने (फ्यूल) क्यों बंद किया?' दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया. इस रिपोर्ट में कहा गया कि पायलटों में से एक ने इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया था. जिससे एयरक्राफ्ट की पावर चली गई और वह जमीन पर गिर गया. इस फ्लाइट में कैप्टन सुमीत सभरवाल पायलट इन कमांड थे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर को-पायलट थे.

अभी जांच जारी 

इटली के अखबार में छपी रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि किस पायलट ने ऐसा किया था. कहा जा रहा है कि अभी पायलेटों के मेंटल हेल्थकी जांच की जाएगी. हालांकि AAIB के शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद सभरवाल के पिता ने इन आरोपों को खारिज किया था. उन्होंने अपने बेटे को बिल्कुल फिट बताया था. हालांकि जब तक डीजीसीए द्वारा फाइनल रिपोर्ट जारी ना कर दिया जाए तब तक किसी भी निष्कर्ष पर आना गलत होगा.