Ahemdabad Plane Crash: 'मुझे लगा कि विमान लैंड होने वाला है', एयर इंडिया विमान हादसे की वीडियो बनाने वाला 17 वर्षीय किशोर बोला

एयर इंडिया का AI171 बोइंग 787-7 ड्रीमलाइनर, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मेहगानीनगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

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Mayank Tiwari

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुए एयर इंडिया विमान हादसे का एक वायरल वीडियो 17 वर्षीय आर्यन असारी ने बनाया, जिसने इस त्रासदी को कैमरे में कैद किया. आर्यन ने बताया कि उन्हें लगा था कि विमान लैंड करने वाला है, लेकिन वह अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग का गोला बन गया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने आर्यन को इस हादसे का प्रत्यक्षदर्शी मानकर शनिवार को उनका बयान दर्ज किया. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अनुसार, आर्यन अपने पिता के साथ बयान देने आए थे.

हादसे का भयावह मंजर

एयर इंडिया का AI171 बोइंग 787-7 ड्रीमलाइनर, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मेहगानीनगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें केवल एक व्यक्ति जीवित बचा. इसके अलावा, जमीन पर मौजूद 20 से अधिक लोगों की भी जान चली गई. जिसमें अब तक कुल 270 लोगों की इस त्रासदी में मौते हुई.

आर्यन का वायरल वीडियो

आर्यन ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "विमान बहुत नजदीक से गुजर रहा था, तो मैंने अपने दोस्तों को दिखाने के लिए वीडियो बनाया." वह कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमान को देखने के लिए छत पर गए थे. उन्होंने कहा, "विमान नीचे गया, और मुझे लगा कि यह हवाई अड्डे के पास लैंड करने वाला है. लेकिन जब यह नीचे गया, तो उसमें से आग की लपटें उठने लगीं और हमने देखा कि यह फट गया." आर्यन ने उस पल को याद करते हुए बताया कि वह कितना डर गए थे. उन्होंने यह वीडियो अपनी बहन को दिखाया और अपने पिता को इसकी जानकारी दी. उनकी बहन ने PTI को बताया कि आर्यन ने कहा कि वह अब इस क्षेत्र में नहीं रहना चाहते क्योंकि "यह खतरनाक है."

घर वापसी और जांच

बता दें कि, आर्यन, जो 12वीं कक्षा के छात्र हैं, रविवार को अपने मूल गांव अरावली जिले में पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए लौट गए. वह 12 जून को किताबें खरीदने के लिए अहमदाबाद आए थे. उनके पिता, एक सेवानिवृत्त सैनिक, हाल ही में अहमदाबाद मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर रखे गए थे और मेहगानीनगर में किराए के मकान में रह रहे थे.

मकान मालिक कैलाशबा ने कहा, "वह पहली बार अहमदाबाद आया था और कुछ ही घंटों में इतनी भयावह घटना का गवाह बन गया. उसका वीडियो पहले उसके पिता को भेजा गया और फिर वायरल हो गया." एक अधिकारी ने बताया कि डीएनए टेस्टिंग के जरिए 47 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, और 24 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं.