क्या टाला जा सकता था वायनाड लैंडस्लाइड हादसा! IIT Delhi ने पहले ही सौंप दी थी रिपोर्ट
क्या वायनाड का भूस्खलन हादसा सिस्टम की बड़ी लापरवाही है, जिसकी वजह से अब तक 106 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं. ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि इस हादसे से पहले आईआईटी दिल्ली ने वायनाड के भूस्खलन के प्रति बेहद संवेदनशील इलाकों को लेकर एक मैप जारी किया था.
Wayanad Landslide: केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन के कारण अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है. मौत का यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. इस भूस्खलन से कुछ ही महीने पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने भूस्खलन संवेदनशीलता मैप जारी कर इस बात का संकेत दिया था कि वायनाड जिले का 58.52 प्रतिशत इलाका 'उच्च से बहुत उच्च' 'High To Very High' जोखिम श्रेणी में आता है.
क्यों बार-बार पैदा हो रहा है खतरा
मंगलवार सुबह हुए भूस्खलन के बाद मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा जैसे गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और भूस्खलन के बाद ये इलाके मुख्य क्षेत्र से कट गए हैं. इस नक्शे में दिखाया गया है कि इनमें से ज्यादातर इलाके मध्यम से बहुत हाई रिस्क कैटेगिरी में आते हैं जिनके कारण यहां बार-बार खतरा पैदा हो रहा है.
अब तक 106 लोगों की मौत
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है और मौत की यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इस भूस्खलन में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं जिनका अस्पतालों में इलाज जारी है. पीड़ितों की मदद के लिए घटना स्थल पर बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य जारी है.
अभी टला नहीं है खतरा
हालांकि खतरा अभी टला नहीं है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को लेकर चेतावनी जारी की है, इसके अलावा मौसम विभाग ने वायनाड से पड़ोसी जिलों मलप्पुरम, कोझिकोड और कन्नूर में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.
रेड अलर्ट जारी
आईएमडी ने वायनाड समेत चार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर शेष सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था.