हिमाचल के मंडी में बड़ा हादसा, यात्रियों से भरा ट्रेवलर खाई में गिरा, 15 लोग थे सवार
हिमाचल के कुल्लू जिले में शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा पेश आया, जहां जलोड़ी जोत से लौट रही पर्यटकों से भरी बस सोझा के पास गहरी खाई में गिर गई. बस में सवार 15 लोगों को बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर डटी हुई हैं.
देवभूमि हिमाचल की दुर्गम पहाड़ियां एक बार फिर चीख-पुकार से दहल उठी हैं. शनिवार देर शाम कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल के सोझा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों के हाथ-पांव फुला दिए. यहां सैलानियों से भरी एक ट्रैवलर बस अनियंत्रित होकर अचानक गहरी खाई में जा गिरी. बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में करीब 15 लोग सवार थे, जो जलोड़ी जोत की वादियों का दीदार करने के बाद वापस लौट रहे थे.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना सोझा और घ्यागी के बीच पेश आई. पहाड़ों पर बिगड़े मौसम के मिजाज और सड़क पर मौजूद अत्यधिक फिसलन के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया. देखते ही देखते बस सड़क से नीचे गहरी और अंधेरी खाई में समा गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खाई काफी गहरी है, जिससे घायलों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. बस में सवार सभी लोग पर्यटक बताए जा रहे हैं, जो संभवतः बाहरी राज्यों से यहां घूमने आए थे.
मौके पर पहुंचे विधायक, युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सुरेन्द्र शौरी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं. प्रशासन की टीमें और पुलिस बल भी मौके पर मुस्तैद है. अंधेरे और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है. रेस्क्यू टीमें रस्सियों और आपातकालीन लाइटों के सहारे खाई में उतरकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद कर रही हैं. प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता हर एक कीमती जान को बचाना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है.
सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील
जलोड़ी जोत का इलाका पर्यटकों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र है, लेकिन प्रतिकूल मौसम में ये रास्ते अक्सर जानलेवा साबित होते हैं. शनिवार की इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग के खतरों को रेखांकित कर दिया है. फिलहाल, पूरे क्षेत्र में तनाव और दुआओं का दौर जारी है. हादसे में हताहत हुए लोगों की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है.