जम्मू-कश्मीर विधानसभा में स्टेटहुड प्रस्ताव पर भारी हंगामा, BJP विधायकों का जोरदार विरोध, कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चौथे दिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा स्टेटहुड प्रस्ताव पेश किए जाने पर जोरदार हंगामा हुआ. ऑटोनॉमी प्रस्ताव के संदर्भ को लेकर बीजेपी विधायकों ने विरोध जताया.

X
Sagar Bhardwaj

जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही के चौथे दिन भारी राजनीतिक टकराव देखने को मिला. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रश्नकाल के बाद राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया. इस प्रस्ताव में 26 जून 2000 के ऑटोनॉमी प्रस्ताव और 6 नवंबर 2024 के विशेष दर्जे से जुड़े फैसलों का भी उल्लेख किया गया, जिसके बाद बीजेपी विधायकों ने उग्र विरोध शुरू कर दिया.

बीजेपी विधायकों का वेल में उतरकर विरोध

बीजेपी सदस्यों ने साफ किया कि वे सदन में ऑटोनॉमी या अनुच्छेद 370 से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह की चर्चा नहीं होने देंगे. नारेबाजी करते हुए बीजेपी विधायक सदन के वेल में आ गए और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़ दीं. इस दौरान विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे उत्पन्न हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बीजेपी पर पलटवार

हंगामे के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि राज्य का दर्जा मांगना राष्ट्रविरोधी नहीं है. उन्होंने बीजेपी को चुनौती दी कि वे प्रस्ताव में कोई भी असंवैधानिक या देशविरोधी शब्द दिखाकर बताएं. उमर ने कहा कि विपक्ष को इस जनहित के मुद्दे पर चर्चा होने देनी चाहिए थी.

बीजेपी नेता सुनील शर्मा का बयान

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि बीजेपी पूर्ण राज्य के दर्जे पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन ऑटोनॉमी और अनुच्छेद 370 के संदर्भ को स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी और प्रशासनिक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विवादित प्रस्ताव ला रही है. वहीं, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सजाद लोन ने स्टेटहुड प्रस्ताव का समर्थन किया.

मार्शल आउट और कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

स्थगन के बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी बीजेपी का हंगामा जारी रहा. इस दौरान बीजेपी विधायक रंधावा को सदन से मार्शल आउट कराया गया. इसके अलावा, कांग्रेस विधायकों ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर बैनर दिखाए, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई. लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी.