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'इजराइली कंपनी ने की लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश, BJP के विरोध में चला रही थी एजेंडा', OpenAI का दावा

कंपनी ने कहा कि अप्रैल में मतदान शुरू होने से कुछ दिनों बाद एक इजराइली कॉमर्शियल कंपनी भारत में चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी.

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India Daily Live

4 जून को आने वाले लोकसभा चुनाव से पहले OpenAI ने बड़ा दावा किया है. ओपन एआई ने दावा किया है कि एक इजरायली कंपनी ने भारत में लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI ने दावा किया है कि इस इजरायली कंपनी ने भाजपा विरोधी  एजेंडा चलाया और विपक्षी कांग्रेस की प्रशंसा की.

लोकसभा चुनाव को बाधित करने की कोशिश

सैम अल्टमैन के नेतृत्व वाली कंपनी ने दावा किया कि उसने कुछ ऐसी गतिविधियों को बाधित किया है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में चल रहे लोकसभा चुनाव को बाधित करने पर केंद्रित थीं. कंपनी ने कहा कि अप्रैल में मतदान शुरू होने से कुछ दिनों बाद एक इजराइली कॉमर्शियल कंपनी STOIC भारत में चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी.


'हमने इसे 24 घंटे के भीतर रोका'

OpenAI ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'चुनाव शुरू होने के बाद मई में हमने ऐसी गतिविधियों के बारे में पता लगाया, इन गतिविधियों को हमने शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ही रोक दिया....इन गतिविधियों में भारत को लेकर कुछ कमेंट किये जा रहे थे, सत्ताधारी भाजपा की आलोचना की जा रही थई और विपक्षी इंडिया गठबंधन की प्रशंसा की जा रही थी.

यह भारत के लोकतंत्र के लिए खतरा
ओपन एआई के इस दावे पर अब सत्ताधारी बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है और इसे भारत के लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भाजपा कुछ भारतीय राजनीतिक दलों द्वरा  या उनकी ओर से किए जा रहे प्रभाव संचालन, गलत सूचना और विदेशी हस्तक्षेप का लक्ष्य थी और है.'

मामले की गहराई से जांच और खुलासा हो
उन्होंने आगे कहा, 'भारतीय लोकतंत्र के लिए यह बहुत खतरनाक स्थिति है. यह स्पष्ट है कि भारत और बाहर के निहित स्वार्थ इस तरह के कार्यों को अंजाम दे रहे हैं. जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए और इसका खुलासा होना चाहिए.'

'OpenAI  को पहले ही देनी चाहिए थी प्रतिक्रिया'
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि OpenAI  जैसे प्लेटफॉर्म को इसकी त्वरित प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी. न कि इतनी देर से जब चुनाव खत्म होने वाले हैं. ओपन एआई ने आगे कहा कि चुनाव प्रभावित करने वाले समूह ने इजराइल समर्थक डाटा और हमास विरोधी भावनाएं प्रसारित कीं.