बार-बार आ रही खांसी को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी! जानें किस कैंसर के होने का है संकेत
खाने की नली हमारे गले को पेट से जोड़ने वाली एक लंबी नली होती है, जो खाने को पेट तक पहुंचाती है. जब इस नली की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर बन जाता है. यह कैंसर तेजी से फैल सकता है, लेकिन शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो इलाज संभव है और अच्छे नतीजे मिल सकते हैं.
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. बार-बार खांसी आना, सीने में जलन महसूस होना या खाना निगलते समय हल्की परेशानी जैसे लक्षण सामान्य लगते हैं, लेकिन ये कभी-कभी गंभीर बीमारी की शुरुआत भी हो सकते हैं. ऐसी ही एक खतरनाक बीमारी है खाने की नली का कैंसर.
खाने की नली (एसोफैगस) हमारे गले को पेट से जोड़ने वाली एक लंबी नली होती है, जो खाने को पेट तक पहुंचाती है. जब इस नली की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर बन जाता है. यह कैंसर तेजी से फैल सकता है, लेकिन शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो इलाज संभव है और अच्छे नतीजे मिल सकते हैं.
समस्या यह है कि शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग उन्हें अनदेखा कर देते हैं. शुरुआती संकेत जिन्हें कभी नजरअंदाज न करें:-
बार-बार खांसी आना या गले में खराश रहना
खाना निगलने में कठिनाई (खासकर ठोस भोजन जैसे रोटी, चावल में खाना अटकना)
सीने में जलन, दर्द या अपच की समस्या जो बढ़ती जाए
बिना वजह वजन कम होना
आवाज में बदलाव या भारीपन
खाने के बाद उल्टी जैसा महसूस होना या थकान
ये लक्षण शुरुआत में हल्के होते हैं, लेकिन अगर दो-तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
किन लोगों को खतरा ज्यादा?
जो लोग धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते हैं
शराब का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले
लंबे समय से एसिडिटी या GERD (गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स) की समस्या से जूझ रहे लोग
मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति
बहुत गर्म चाय-कॉफी या तरल पदार्थ पीने की आदत वाले
उम्र 50 साल से ज्यादा, खासकर पुरुष
भारत में यह कैंसर काफी आम है, खासकर उत्तर-पूर्वी राज्यों और ग्रामीण इलाकों में. अस्वास्थ्यकर खान-पान, तंबाकू और प्रदूषण भी इसके कारण बन रहे हैं.
बचाव के उपाय
धूम्रपान और शराब पूरी तरह छोड़ दें
स्वस्थ भोजन लें – ज्यादा फल, सब्जियां और पानी पिएं
मसालेदार, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें
वजन नियंत्रित रखें
अगर एसिडिटी की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं
डॉक्टर कहते हैं कि अगर खाना निगलने में बार-बार दिक्कत हो तो एंडोस्कोपी जांच जरूर कराएं. शुरुआती जांच से कैंसर को रोका जा सकता है. खाने की नली का कैंसर चुपके से बढ़ता है, इसलिए छोटी-छोटी शिकायतों को गंभीरता से लें.