खूनी बवासीर से हैं त्राहिमाम? खाएं ये दाल, झटके में मिलेगा आराम!
खेसारी की दाल एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय है, जो बावासीर के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकती है. नियमित रूप से इसके सेवन और संतुलित आहार के साथ जीवनशैली में सुधार करके आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं. हालांकि, किसी भी घरेलू उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.
What to Eat in Piles Disease: बावासीर एक सामान्य लेकिन कष्टदायक समस्या है, जो मुख्य रूप से अनियमित जीवनशैली, गलत खान-पान और कब्ज के कारण होती है. इस रोग में गुदा के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे तेज दर्द, जलन और खून आना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
आयुर्वेद में बावासीर के इलाज के लिए कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं. इनमें से एक है खेसारी की दाल, जिसे इस समस्या के लिए रामबाण माना जाता है.
खेसारी की दाल के फायदे
खेसारी की दाल में फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. यह पाचन तंत्र को मजबूत करने और कब्ज को दूर करने में मदद करती है. बावासीर के इलाज में इसका उपयोग इसलिए कारगर है क्योंकि यह मल को नरम बनाकर गुदा क्षेत्र पर दबाव को कम करती है.
खेसारी की दाल का सेवन कैसे करें?
1. दाल पकाकर खाएं
खेसारी की दाल को अच्छी तरह से धोकर सामान्य दाल की तरह पकाएं. इसे हल्का नमक और हल्दी डालकर बना सकते हैं. नियमित रूप से इसे अपने आहार में शामिल करें.
2. पाउडर का उपयोग
खेसारी की दाल को सूखा भूनकर इसका पाउडर बना लें. इस पाउडर को एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ रोज सुबह सेवन करें.
3. खिचड़ी बनाएं
खेसारी की दाल को चावल के साथ मिलाकर खिचड़ी बनाएं. यह पाचन के लिए हल्की होती है और पेट साफ करने में मदद करती है.
सावधानियां
- खेसारी की दाल को अधिक मात्रा में न खाएं, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकती है.
- गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इसके सेवन से बचना चाहिए.
- यदि आपको किसी प्रकार की एलर्जी हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें
अन्य उपाय
खेसारी की दाल के साथ-साथ फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है. मसालेदार और तले-भुने खाने से बचें.