सावधान! क्या आप भी रोज खाते हैं चिप्स? स्वाद के चक्कर में दिमाग पर पड़ सकता है बुरा असर; रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
नई स्टडी में दावा किया गया है कि रोजाना चिप्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स खाने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है. चलिए जानते हैं चिप्स को लेकर क्या दी गई है चेतावनी.
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसी चीजें लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुकी हैं. ऑफिस में हल्की भूख लगी तो चिप्स, बच्चों को जल्दी कुछ देना हो तो पैकेट स्नैक्स और कई लोग चाय के साथ भी प्रोसेस्ड फूड्स खाना पसंद करते हैं लेकिन अब एक नई स्टडी ने इन आदतों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है.
रिसर्च के मुताबिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का ज्यादा सेवन दिमाग की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. शोध में पाया गया कि रोजाना अधिक मात्रा में चिप्स, पैकेट स्नैक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स और इंस्टेंट फूड्स खाने वाले लोगों में याददाश्त कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा ध्यान लगाने में परेशानी और सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.
स्टडी में क्या आया सामने?
स्टडी में बताया गया कि अगर किसी व्यक्ति की रोज की डाइट का सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्सा भी अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से आता है, तो डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है. यह मात्रा लगभग एक पैकेट चिप्स के बराबर मानी गई है. शोधकर्ताओं ने पाया कि जितना ज्यादा जंक फूड का सेवन होगा, खतरा उतना बढ़ सकता है.
शरीर को कैसे करते हैं नुकसान?
रिसर्च में यह भी कहा गया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका असर दिमाग पर पड़ सकता है. इन फूड्स में नमक, शुगर, प्रिजर्वेटिव और अनहेल्दी फैट्स ज्यादा होते हैं जबकि जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं. लंबे समय तक इनके सेवन से मानसिक प्रतिक्रिया धीमी होने और फोकस कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं?
शोध में यह भी सामने आया कि सिर्फ फल और सब्जियां खाना काफी नहीं है. अगर कोई व्यक्ति हेल्दी खाना खाने के साथ नियमित रूप से पैकेट स्नैक्स भी खा रहा है, तो जोखिम बना रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि चिप्स की जगह फल, ड्राई फ्रूट्स और घर का ताजा खाना बेहतर विकल्प हो सकते हैं. छोटे बदलाव भविष्य में दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं.