अस्थमा मरीजों के लिए खतरा बन सकता है बदलता मौसम, सही देखभाल बच सकती है जान; जानें क्या करें
मौसम में बदलाव होना अस्थमा मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है. सही दवा, सावधानी और दिनचर्या से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.
नई दिल्ली: जैसे ही मौसम बदलता है, कुछ लोगों के लिए यह राहत लेकर आता है, लेकिन अस्थमा मरीजों के लिए यह समय मुश्किल होता है. अचानक तापमान में बदलाव, हवा की नमी और बढ़ता प्रदूषण सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है. यही वजह है कि इस दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दिक्कत कर सकती है. अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को नए वातावरण के हिसाब से ढलने में समय लगता है. ठंडी हवा, ज्यादा नमी या सूखी हवा फेफड़ों पर असर डालती है. इससे सांस की नलियां सिकुड़ सकती हैं और सांस लेने में परेशानी बढ़ जाती है. धूल, धुआं और एलर्जी फैलाने वाले कण भी इस समय ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिससे अस्थमा के लक्षण तेजी से ट्रिगर हो सकते हैं.
अस्थमा में कौन से लक्षण होते हैं खतरनाक?
अस्थमा मरीजों को कुछ संकेतों को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए. बार बार सांस फूलना, सीने में जकड़न महसूस होना और लगातार खांसी रहना गंभीर संकेत हो सकते हैं. अगर रात में बार बार नींद टूटती है या सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होती है, तो यह स्थिति बिगड़ने का संकेत है. इनहेलर लेने के बाद भी आराम न मिलना एक चेतावनी हो सकती है कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
बदलते मौसम में कैसे रखें खुद का ख्याल?
मौसम बदलते ही अपने रूटीन में थोड़े बदलाव करना जरूरी हो जाता है. सबसे पहले डॉक्टर की बताई गई दवाइयों और इनहेलर का रेगुलर तरीके से इस्तेमाल करें. बाहर निकलते समय मास्क पहनना फायदेमंद रहता है, क्योंकि यह धूल और प्रदूषण से बचाव करता है. घर के अंदर साफ सफाई बनाए रखें और धूल जमा न होने दें. साफ वातावरण फेफड़ों के लिए बेहतर होता है.
सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि खानपान और लाइफस्टाइल भी अस्थमा को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाते हैं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और सांस की समस्या कम होती है. हल्की एक्सरसाइज और प्राणायाम फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि किसी भी नई एक्सरसाइज से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
किन चीजों से बनाएं दूरी?
अस्थमा मरीजों को कुछ चीजों से खास दूरी बनानी चाहिए. धूल, धुआं, तेज गंध और ठंडी हवा से बचना जरूरी है. अगर मौसम ज्यादा ठंडा या हवा तेज हो, तो बाहर जाने से बचें. घर में भी वेंटिलेशन अच्छा रखें ताकि हवा साफ बनी रहे.