'टॉक्सिक' के खराब रिस्पॉन्स पर यश ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'ज्यादा चिंता मत करो, इसे दर्शकों पर छोड़ देते हैं'
यश और गीतू मोहनदास की फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' रिलीज के बाद उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई. अब फिल्म के डबिंग सुपरवाइजर जयदेव मोहन ने बताया है कि खराब रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बीच यश का रिएक्शन कैसा था.
कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' को लेकर जिस तरह की उम्मीदें थीं, फिल्म उन पर खरी नहीं उतर पाई. गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों और समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली. बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म वैसा प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी.
अब फिल्म के डबिंग सुपरवाइजर जयदेव मोहन ने बताया है कि रिलीज के बाद यश का रिएक्शन कैसा था. उनके मुताबिक, फिल्म को लेकर निगेटिव रिएक्शन सामने आने के बाद यश ने टीम को ज्यादा चिंता न करने की सलाह दी थी.
यश ने टीम से कहा- 'दर्शकों पर छोड़ देते हैं'
प्रजावाणी के YouTube चैनल से बातचीत में जयदेव मोहन ने 'टॉक्सिक' के प्रदर्शन पर बात की. उन्होंने बताया कि रिलीज के बाद यश से उनकी दो बार फोन पर बातचीत हुई थी. जयदेव के मुताबिक, फिल्म के रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर वह खुद काफी भावुक हो गए थे. इसी दौरान यश का फोन आया और उन्होंने टीम को ज्यादा चिंता न करने की बात कही.
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जयदेव ने बताया कि यश का कहना था कि फिल्म को दर्शकों पर छोड़ देना चाहिए, क्योंकि आखिर में फैसला दर्शकों का ही होता है. साथ ही उन्होंने आगे के काम पर ध्यान देने की बात भी कही. जयदेव ने यह भी माना कि यश ने फिल्म पर कई साल काम किया था, इसलिए खराब प्रतिक्रिया का असर उन पर जरूर पड़ा होगा. हालांकि, यश ने कथित तौर पर टीम के सामने आगे बढ़ने वाला रवैया रखा.
'दर्शक ही सबसे ऊपर हैं'
जयदेव मोहन ने फिल्म के सफर के बारे में भी विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि 'टॉक्सिक' की शुरुआत कई साल पहले एक विचार से हुई थी और समय के साथ फिल्म के कई वर्जन तैयार हुए. उनके मुताबिक, शूटिंग पूरी होने तक भी फिल्म में बदलाव होते रहे और उन्होंने शुरुआत से इसके विकास को देखा. लेकिन आखिरकार उन्होंने दर्शकों के फैसले को स्वीकार करने की बात कही.
जयदेव ने कहा कि अगर दर्शकों को कोई फिल्म पसंद आती है तो वह उसे पसंद आती है और अगर नहीं आती तो नहीं आती. उनके मुताबिक, मेकर्स यह नहीं कह सकते कि उन्होंने फिल्म अच्छी बनाई और दर्शक उसे समझ नहीं पाए.