Telugu Film Industry: क्यों पूरी तरह से बंद हो रही है तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री? क्यों हड़ताल पर उतरे कर्मचारी, ठप हुई शूटिंग
Telugu Film Industry: तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री, जिसे टॉलीवुड के नाम से जाना जाता है, सोमवार, 4 अगस्त 2025 से पूरी तरह ठप होने की कगार पर है. कई दौर की बातचीत के बाद भी तेलुगु फिल्म मेकर परिषद और तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ सहमति नहीं बन पाई, जिसके वजय से यह कठोर कदम उठाया गया.
Telugu Film Industry: तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री, जिसे टॉलीवुड के नाम से जाना जाता है, सोमवार, 4 अगस्त 2025 से पूरी तरह ठप होने की कगार पर है. तेलुगु फिल्म कर्मचारी महासंघ (Telugu Film Employees Federation) ने वेतन वृद्धि को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के चलते हड़ताल की घोषणा की है. कई दौर की बातचीत के बाद भी तेलुगु फिल्म मेकर परिषद और तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ सहमति नहीं बन पाई, जिसके वजय से यह कठोर कदम उठाया गया. यह हड़ताल न केवल बड़े बजट की फिल्मों, बल्कि छोटे पैमाने की परियोजनाओं और वेब सीरीज को भी प्रभावित कर रही है. आइए, इस हड़ताल के कारणों और मांगों को विस्तार से समझें.
तेलुगु फिल्म कर्मचारी महासंघ, जो 24 अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है, ने दैनिक वेतन में 30% की वृद्धि की मांग की है. महासंघ के पूर्व महासचिव राजेश्वर रेड्डी के अनुसार, पिछले तीन सालों से दैनिक वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो 10,000 से अधिक कर्मचारियों की आजीविका को प्रभावित कर रहा है.
तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री ठप
उन्होंने कहा, 'हमारे कर्मचारी कल (4 अगस्त) से काम पर नहीं आएंगे. फिल्म मेकर के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद, उन्होंने वेतन संशोधन में अनिच्छा दिखाई है.' वर्तमान में दिहाड़ी मजदूर प्रतिदिन 1,400 रुपये कमाते हैं, और महासंघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह राशि अपर्याप्त है.
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महासंघ ने दो मुख्य मांगें रखी हैं: पहली, दैनिक वेतन में 30% की वृद्धि, और दूसरी, वेतन का भुगतान दैनिक आधार पर, बिना किसी देरी के. राजेश्वर रेड्डी ने बताया, 'हर फिल्म में 150 से 200 दिहाड़ी मजदूर काम करते हैं. निर्माता शीर्ष तकनीशियनों पर करोड़ों खर्च करते हैं, लेकिन निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए मामूली बढ़ोतरी में हिचकिचाते हैं.' महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वे प्रोडक्शन हाउस जो लिखित रूप में नई वेतन संरचना को स्वीकार करेंगे, उनके साथ काम फिर से शुरू होगा. निर्माताओं द्वारा प्रस्तावित 5% वेतन वृद्धि को महासंघ ने अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया.
इंडस्ट्री पर प्रभाव
इस हड़ताल के कारण टॉलीवुड में दर्जनों फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग रुकने की आशंका है. बड़े बजट की फिल्मों, जैसे अल्लारी नरेश की आगामी परियोजना, को पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक गतिरोध जारी रहने से रिलीज शेड्यूल प्रभावित हो सकता है, जिससे टॉलीवुड को आर्थिक नुकसान होगा. निर्माता सी. कल्याण ने हड़ताल को 'दबाव की रणनीति' करार देते हुए कहा, 'एक महीने का उत्पादन रुकावट उन दिहाड़ी मजदूरों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिनके लिए यह हड़ताल की जा रही है.' उन्होंने दोनों पक्षों से जल्द से जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है.