'पद्मावत' में 800 महिलाओं का जौहर देख आज भी गुस्से में हैं स्वरा भास्कर! भंसाली को क्यों लिखा था खत?

स्वरा भास्कर ने बताया कि फिल्म रिलीज के बाद उन्होंने पांच दिन तक सोचा और फिर भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. उसमें उन्होंने जौहर और गर्भवती महिला वाले सीन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी.

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Swara Bhasker defends her Padmaavat letter: बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' के जौहर वाले सीन पर फिर से अपनी आपत्ति जताई है. सालों पहले उन्होंने निर्देशक संजय लीला भंसाली को खुला खत लिखकर इस सीन की आलोचना की थी. अब उन्होंने एक बार फिर उस बात को दोहराया है.

महिलाओं का जौहर देख आज भी गुस्से में हैं स्वरा भास्कर!

फिल्म के अंत में अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है. इसके बाद रानी पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाएं कैद होने के बजाय सामूहिक जौहर करती दिखाई गई हैं. स्वरा भास्कर का कहना है कि यह दृश्य समस्या वाला है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बलात्कार किसी महिला की जिंदगी का अंत है? क्या जिंदा रहकर संघर्ष करने से बेहतर मौत है? उनके मुताबिक इस तरह का चित्रण बलात्कार पीड़ितों को गलत संदेश दे सकता है.

भंसाली को लिखा था ओपन लेटर

स्वरा ने बताया कि फिल्म रिलीज के बाद उन्होंने पांच दिन तक सोचा और फिर भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. उसमें उन्होंने जौहर और गर्भवती महिला वाले सीन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी. अब हाल में दिए बयान में उन्होंने उसी खत का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मतलब सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करना था.


सोशल मीडिया पर स्वरा के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. कई यूजर्स ने उन्हें बेवकूफ और शर्मनाक बताया. कुछ ने लिखा कि वे पूरी तरह से बेअक्ल हैं तो कुछ ने कहा कि उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए. एक यूजर ने सीधे टैग करके लिखा कि वे कितनी बेसमझ हैं. कई लोगों ने फिल्म के ऐतिहासिक पहलू को याद दिलाते हुए स्वरा की आलोचना की.

पद्मावत 2018 में रिलीज हुई थी और उस समय भी इस सीन पर काफी बहस हुई थी. फिल्म को लेकर कई विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. स्वरा भास्कर की इस नई टिप्पणी ने पुराने विवाद को फिर से हवा दे दी है. कुछ लोग उनकी बात से सहमत हैं तो ज्यादातर ने उन्हें फिल्म और इतिहास दोनों को गलत समझने का आरोप लगाया है.