फिल्ममेकर विक्रम भट्ट-श्वेतांबरी को बड़ी राहत, करोड़ों की ठगी मामले में मिली जमानत
फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी, 2026 को होगी.
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी को धोखाधड़ी मामले में अंतरिम जमानत दी. बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी 2026 को उन्हें 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अंतरिम जमानत दे दी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमलया बागची की बेंच ने यह आदेश दिया.
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट-श्वेतांबरी को बड़ी राहत
कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों का इस्तेमाल पैसे वसूलने के लिए नहीं किया जा सकता और हर किसी को जेल में नहीं डाला जा सकता. अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को होगी. यह मामला राजस्थान के उदयपुर से जुड़ा है. इंदिरा आईवीएफ के फाउंडर डॉ. अजय मुर्दिया ने नवंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें 30 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिया.
करोड़ों की ठगी मामले में मिली जमानत
आरोप है कि डॉ. मुर्दिया ने अपनी दिवंगत पत्नी पर बायोपिक बनाने के लिए यह रकम निवेश की थी. उन्हें ऊंचे रिटर्न का वादा किया गया था, लेकिन पैसा फिल्म प्रोडक्शन में लगाने के बजाय फर्जी बिल और रसीदों के जरिए हड़प लिया गया. इस शिकायत पर 7 दिसंबर 2025 को मुंबई से गिरफ्तारी हुई और उन्हें उदयपुर जेल भेज दिया गया. राजस्थान हाई कोर्ट ने पहले जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद दंपति ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
'राज', '1920' जैसी हिट फिल्मों से बनाई पहचान
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया और डॉ. मुर्दिया को भी पार्टी बनाया. अंतरिम जमानत पर रिहाई के लिए बेल बॉन्ड भरने का आदेश दिया गया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम राहत है और आगे जांच जारी रहेगी. विक्रम भट्ट 'गुलाम', 'राज', '1920' जैसी हिट फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. यह मामला उनके करियर के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. पिछले दो महीनों से जेल में रहने के बाद अब वे बाहर आ सकेंगे. इस घटना ने बॉलीवुड में फिल्म फाइनेंसिंग और निवेश से जुड़े जोखिमों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है.