'अपने बेटे को क्यों नहीं खड़ा कर पाए', इस कॉमेडियन ने भरी महफिल में उड़ाया अमिताभ बच्चन की मजाक, देखें वीडियो

कॉमेडियन समय रैना ने अपने शो में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में झूठ बोला था और अमिताभ बच्चन पर रोस्ट जोक्स भी शेयर किए. इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है.

Instagram
Babli Rautela

मुंबई: कॉमेडियन समय रैना ने अपने शो स्टिल अलाइव में एक ऐसा खुलासा किया जिसने इंटरनेट पर हलचल मचा दी. उन्होंने बताया कि जब वह अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति में पहुंचे थे तो उन्होंने अपने असली व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग व्यवहार किया था. समय ने शो में कहा कि उन्होंने अपनी दादी को लेकर जो बात कही थी वह सच नहीं थी. असल में उनकी दादी का कई साल पहले निधन हो चुका था.

समय रैना ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर एक अच्छा और साफ सुथरा किरदार निभाया. उनके अनुसार इंटरनेट पर अक्सर लोगों को वैसा नहीं रहने दिया जाता जैसा वे असल में होते हैं. इसलिए उन्होंने भी शो के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लिया. उन्होंने कहा कि वह जानते थे कि KBC जैसे मंच पर उन्हें एक सभ्य और शांत इंसान के रूप में दिखना होगा.

अमिताभ बच्चन पर समय रैन ने मारा रोस्ट जोक

अपने शो के दौरान समय रैना ने यह भी बताया कि उनके मन में कई मजाकिया और तीखे जोक्स आते थे जिन्हें उन्होंने रोक लिया. इसी दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन को लेकर एक रोस्ट जोक भी शेयर किया जिसे उन्होंने KBC में नहीं बोला था. एक चुटकुला जो उन्होंने नहीं कहा वह अमिताभ बच्चन के लिए था, 'सर, आपने इतना पोलियो का विज्ञापन किया, फिर भी अपने बेटे को पांव पे क्यों नहीं खड़ा कर पाये सर'. यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई और लोगों ने इस पर अलग अलग रिएक्शन देने शुरू कर दिए.

सोशल मीडिया पर मची बहस

समय रैना के इस बयान के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग उनकी ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने सच सामने रखा. वहीं कुछ लोग इसे अनावश्यक विवाद बता रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि बड़े प्लेटफॉर्म पर जाकर खुद को बदलना एक सामान्य बात है जबकि कुछ का मानना है कि असली व्यक्तित्व ही दिखाना चाहिए.

यह मामला सिर्फ एक कॉमेडियन तक सीमित नहीं है बल्कि यह आज के डिजिटल युग की सच्चाई भी दिखाता है. आज के समय में कंटेंट क्रिएटर्स अलग अलग प्लेटफॉर्म पर अलग अलग इमेज बनाते हैं. जहां एक तरफ इंटरनेट पर बोल्ड और खुला अंदाज चलता है वहीं टीवी जैसे पारंपरिक माध्यम पर एक सीमित और सभ्य छवि बनाए रखनी पड़ती है.