'रणवीर सिंह की सक्सेस से डरे हुए हैं...': राम गोपाल वर्मा ने की FWICE पर बैन की मांग; किया 'धुरंधर' को सपोर्ट

डॉन 3 विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह को खुलकर सपोर्ट किया है. उन्होंने FWICE के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे एजेंडा आधारित बताया और संगठन पर ही बैन लगाने की मांग कर दी.

Social Media
Babli Rautela

मुंबई: बॉलीवुड में डॉन 3 विवाद लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है. एक्टर रणवीर सिंह और FWICE के बीच चल रहे विवाद में अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा भी कूद पड़े हैं. उन्होंने न सिर्फ रणवीर सिंह को सपोर्ट किया है बल्कि FWICE के फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए संगठन पर ही बैन लगाने की मांग कर दी है. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 से रणवीर सिंह के बाहर होने की खबर सामने आई. इसके बाद फरहान की शिकायत पर FWICE ने रणवीर के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया. शिकायत में दावा किया गया कि एक्टर के फिल्म छोड़ने से करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

FWICE पर भड़के राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन देते हुए FWICE के अधिकार और उसकी भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह कोई कानूनी अदालत या सरकारी नियामक संस्था नहीं है. वर्मा ने तीखे शब्दों में कहा कि इस तरह की संस्थाएं कई बार ऐसी भूमिका निभाने लगती हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर होती है. उन्होंने इसे एक ऐसी व्यवस्था बताया जो कानूनी प्रक्रिया और निष्पक्षता से दूर दिखाई देती है. उन्होंने दावा किया कि रणवीर सिंह के खिलाफ उठाया गया कदम उचित नहीं है और इससे संगठन की छवि को नुकसान हो सकता है.

धुरंधर की सफलता का भी किया जिक्र

राम गोपाल वर्मा ने अपने बयान में रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म धुरंधर का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग एक्टर की सक्सेस से असहज हैं. उनका कहना था कि इस तरह के फैसलों के पीछे कई बार व्यक्तिगत या समूह आधारित हित भी काम करते हैं. हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया. इसी बयान ने पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है.

राम गोपाल वर्मा ने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बड़े सितारों का रोल बहुत जरूरी है. उनके अनुसार रणवीर सिंह जैसे कलाकार ही फिल्मों के जरिए हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में योगदान देते हैं. उन्होंने कहा कि दर्शक सिनेमाघरों तक सितारों को देखने के लिए आते हैं और यही स्टार पावर पूरी इंडस्ट्री को आगे बढ़ाती है. वर्मा का मानना है कि किसी भी एक्टर के खिलाफ ऐसा कदम उठाने से पहले उसके व्यापक प्रभावों पर विचार किया जाना चाहिए.