कभी पैसे बचाने के लिए बस से सफर करती थीं राधिका आप्टे, शेयरिंग रूम में गुजारे दिन; आज है इतने करोड़ की मालकिन

राधिका आप्टे आज हिंदी, मराठी, बंगाली और साउथ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं. 7 सितंबर को अपना 40वां जन्मदिन मना रहीं राधिका ने थिएटर से करियर शुरू किया था. शुरुआती दिनों में वह शेयरिंग रूम में रहती थीं और पैसे बचाने के लिए बस से सफर करती थीं.

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Babli Rautela

मुंबई: बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल राधिका आप्टे आज अपनी दमदार अदाकारी के लिए जानी जाती हैं. हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली और साउथ इंडियन सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई है. ओटीटी पर भी उनके कई किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया. हालांकि, राधिका के लिए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था. उन्होंने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की और शुरुआती दौर में बेहद सादगी से अपनी जिंदगी गुजारी. 7 सितंबर को राधिका आप्टे अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं. उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ खास बातें.

डॉक्टर पिता की बेटी हैं राधिका आप्टे

राधिका आप्टे का जन्म 7 सितंबर 1985 को तमिलनाडु के वेल्लोर में एक मराठी परिवार में हुआ था. उनके पिता चारुदत्त आप्टे पेशे से न्यूरोसर्जन हैं. पढ़ाई की बात करें तो राधिका ने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से गणित और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की. बचपन से ही उनका झुकाव अभिनय की तरफ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में सीधे कदम रखने के बजाय थिएटर से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की.

थिएटर के दिनों में खुद उठाया अपना खर्च

राधिका आप्टे ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों में थिएटर को अपना आधार बनाया. थिएटर के जरिए उन्होंने न सिर्फ अभिनय सीखा, बल्कि अपने खर्च का इंतजाम भी किया. बताया जाता है कि राधिका ने कभी अपने पिता से आर्थिक मदद नहीं ली. शुरुआती दिनों में वह शेयरिंग रूम में रहती थीं और पैसों की बचत करने के लिए बस से सफर किया करती थीं. उनका पहला थिएटर एक्ट नाको रे बाबा बताया जाता है. यही दौर उनके लिए काफी अहम रहा, क्योंकि थिएटर ने उन्हें अभिनय की बारीकियां समझने और अलग अलग किरदारों को निभाने का अनुभव दिया.


फिल्मों में ऐसे बनाई पहचान

थिएटर के बाद राधिका ने फिल्मों की दुनिया का रुख किया. उन्होंने शाहिद कपूर स्टारर फिल्म वाह! लाइफ हो तो ऐसी से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा. इसके बाद उन्होंने बंगाली और मराठी सिनेमा में भी काम किया. हालांकि, उन्हें व्यापक पहचान बाद के वर्षों में मिली. बदलापुर, हंटर और मांझी  द माउंटेन मैन जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया. राधिका ने अपने किरदारों के साथ लगातार प्रयोग किए और इसी वजह से उनकी एक अलग पहचान बनी.

बॉलीवुड से आगे इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में बनाई पहचान

राधिका आप्टे ने खुद को सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने मराठी और बंगाली फिल्मों के साथ साथ साउथ इंडियन प्रोजेक्ट्स में भी काम किया. ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी राधिका को काफी लोकप्रियता मिली. लस्ट स्टोरीज, सेक्रेड गेम्स और घोल जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके अभिनय की चर्चा हुई. उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली और उन्हें इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स के लिए नामांकन मिला.