सांवले रंग की वजह से हुई थी ट्रोल... 16 साल की उम्र में मिस इंडिया बनीं नूतन, ऑस्कर तक पहुंचाया नाम
नूतन भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा एक्ट्रेसेस में शामिल हैं जिन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के बल पर अलग मुकाम हासिल किया है. 16 साल की उम्र में मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली नूतन ने कई यादगार फिल्मों में काम किया और उनकी फिल्म सौदागर ऑस्कर की दौड़ तक पहुंची थी.
मुंबई: हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी चमक समय के साथ और बढ़ती जाती है. ऐसी ही एक एक्ट्रेस थीं नूतन, जिन्होंने अपनी शानदार अदाकारी, सादगी से लाखों दिलों पर राज किया. आज भी उनके निभाए गए किरदार दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं. लेकिन उनकी सफलता का सफर उतना आसान नहीं था जितना पर्दे पर दिखाई देता है. 4 जून 1936 को जन्मी नूतन एक फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती थीं. उनकी मां शोभना समर्थ अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं, जबकि पिता कुमार सेन समर्थ डायरेक्टर और कवि के रूप में जाने जाते थे. बचपन से ही फिल्मी माहौल में पली बढ़ीं नूतन का झुकाव भी अभिनय की ओर हो गया था.
कम उम्र में फिल्मों में आई नूतन
नूतन ने बेहद कम उम्र में फिल्मों में कदम रखा. साल 1950 में उनकी मां की बनाई गई फिल्म हमारी बेटी से उन्होंने अभिनय की शुरुआत की. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 14 साल थी. हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें उनके रंग रूप को लेकर काफी ज्यादा ट्रोलिंग हुई. लगातार हो रही ट्रोलिंह का असर उनके आत्मविश्वास पर भी पड़ा. बताया जाता है कि इसी असमंजस और आत्मविश्वास की कमी के दौर में उन्होंने कई बड़े अवसर गंवा दिए. लेकिन नूतन ने हार नहीं मानी और खुद को अभिनय के जरिए साबित करने का फैसला किया. यही निर्णय उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ.
16 साल की उम्र में जीता मिस इंडिया का खिताब
महज 16 साल की उम्र में नूतन ने मिस इंडिया का खिताब जीत लिया. इस उपलब्धि ने उन्हें नई पहचान दी और फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान उनकी ओर खींचा. इसके बाद उनके करियर की रफ्तार तेजी से बढ़ने लगी. साल 1955 में रिलीज हुई फिल्म सीमा ने नूतन के करियर को नई ऊंचाई दी. फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा. इसी फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला. यह वह दौर था जब नूतन ने साबित कर दिया कि अभिनय के मामले में उनका मुकाबला करना आसान नहीं है.
इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई शानदार फिल्मों में काम किया. साल 1959 में आई फिल्म सुजाता उनके करियर की सबसे अहम फिल्मों में गिनी जाती है. इस फिल्म में उन्होंने एक्टर सुनील दत्त के साथ काम किया था.
बड़े एक्टर्स के साथ किया काम
नूतन ने अपने करियर में उस दौर के लगभग हर बड़े सितारे के साथ काम किया. उन्होंने देव आनंद के साथ पेइंग गेस्ट और राज कपूर के साथ अनाड़ी तथा छलिया जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया. सोने की चिड़िया, तेरे घर के सामने और बंदिनी जैसी फिल्मों ने भी उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
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