न लगाए 127 कट्स, न लिया सर्टिफिकेट, 'सतलुज' पर चला सरकार का हंटर, अवैध स्क्रीनिंग पर होगी कार्रवाई
सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 127 कट्स लगाने को कहा था, लेकिन मेकर्स ने उन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया. न तो कोई कट लगाया गया और न ही सर्टिफिकेट लिया गया.
Satluj Movie Controversy: पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' काफी दिनों से विवादों में बनी हुई है. जी5 प्लेटफॉर्म पर अचानक रिलीज होने के मात्र 48 घंटे बाद इसे हटा लिया गया था, फिर भी अवैध स्क्रीनिंग जारी है. अब सरकार ने सख्त एक्शन की तैयारी कर ली है.
'सतलुज' पर चला सरकार का हंटर
सूत्रों के अनुसार फिल्म को बिना सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के ही रिलीज कर दिया गया. सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 127 कट्स लगाने को कहा था, लेकिन मेकर्स ने उन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया. न तो कोई कट लगाया गया और न ही सर्टिफिकेट लिया गया. रेगुलेटरी नियमों की इस अनदेखी पर अब सरकार मेकर्स और अवैध स्क्रीनिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है. राज्य सरकार को निर्देश दे दिए गए हैं कि जहां भी फिल्म की अवैध स्क्रीनिंग हो रही है, वहां तुरंत एक्शन लिया जाए.
अवैध स्क्रीनिंग पर होगी कार्रवाई
फिल्म का मूल नाम पंजाब 95 था. यह पिछले चार साल से सेंसर सर्टिफिकेट की वजह से अटकी हुई थी. आखिरकार मेकर्स ने बिना सर्टिफिकेट के इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतार दिया. फिल्म को निर्देशक हनी त्रेहान ने बनाया है. इसमें 1980-90 के दशक के पंजाब में हुए उग्रवाद और मानवाधिकारों के मुद्दों को दिखाया गया है. कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में हुए 25,000 अवैध अंतिम संस्कारों का खुलासा किया था.
Also Read
सरकार का कहना है कि फिल्म के कुछ सीन देश की अखंडता और एकता को प्रभावित कर सकते हैं. यही वजह है कि सेंसर बोर्ड ने इतने सारे कट्स सुझाए थे. फिल्म के रिलीज होते ही डाउनलोड की लहर चल पड़ी और पायरेटेड कॉपीज कई जगहों पर धड़ल्ले से दिखाई जाने लगीं. जी5 से हटाए जाने के बावजूद फिल्म अभी भी कुछ थिएटरों और प्राइवेट स्क्रीनिंग में चल रही है.