धर्मेंद्र के फैंस को गहरा झटका, ऑस्कर के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट में नाम न होने से हुए निराश

धर्मेंद्र, जिन्हें 'ही-मैन' और 'गरम धर्म' जैसे नामों से जाना जाता है, ने 60 साल से ज्यादा के करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया. 'शोले', 'सीता और गीता', 'चुपके चुपके' जैसी क्लासिक फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर राज किया. नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था.

x
Antima Pal

मुंबई: 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के फैंस को गहरा झटका दिया है. लॉस एंजिल्स में आयोजित इस भव्य समारोह में जहां हॉलीवुड के कई बड़े नामों को भावुक श्रद्धांजलि दी गई, वहीं धर्मेंद्र का नाम मंच पर याद नहीं किया गया. इससे भारतीय सिनेमा प्रेमियों में काफी निराशा फैल गई है.

ऑस्कर के 'इन मेमोरियम' में धर्मेंद्र का नाम न होने से फैंस को झटका

धर्मेंद्र, जिन्हें 'ही-मैन' और 'गरम धर्म' जैसे नामों से जाना जाता है, ने 60 साल से ज्यादा के करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया. 'शोले', 'सीता और गीता', 'चुपके चुपके' जैसी क्लासिक फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर राज किया. नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था, जिसके बाद फैंस को उम्मीद थी कि ऑस्कर जैसे वैश्विक मंच पर उन्हें सम्मान मिलेगा.

बिली क्रिस्टल ने रॉब रेनर को भावुक श्रद्धांजलि दी

इस साल का 'इन मेमोरियम' सेगमेंट काफी लंबा था और इसमें रॉब रेनर, कैथरीन ओ'हारा, डायने कीटन, रॉबर्ट रेडफोर्ड जैसे हॉलीवुड दिग्गजों को खास तौर पर याद किया गया. बिली क्रिस्टल ने रॉब रेनर को भावुक श्रद्धांजलि दी, जबकि रेचल मैकएडम्स ने कैथरीन ओ'हारा और डायने कीटन की अलग-अलग भूमिकाओं का जिक्र किया. सेगमेंट में कई हॉलीवुड फिल्मों के आइकॉनिक कलाकारों को जगह मिली, लेकिन बॉलीवुड से किसी का नाम मंच पर नहीं आया. हालांकि बाद में अकादमी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत 'इन मेमोरियम' लिस्ट जारी की, जिसमें धर्मेंद्र का नाम शामिल किया गया.

मनोज कुमार, बी. सरोजा देवी और कोटा श्रीनिवास राव का भी जिक्र

इस लिस्ट में अन्य भारतीय सिनेमा हस्तियों जैसे मनोज कुमार, बी. सरोजा देवी और कोटा श्रीनिवास राव का भी जिक्र है. लेकिन टीवी पर प्रसारित सेगमेंट में इन नामों को नहीं दिखाया गया, जिससे विवाद बढ़ गया. कई फैंस ने सोशल मीडिया पर इसे 'स्नब' बताया और कहा कि ऑस्कर मुख्य रूप से हॉलीवुड-केंद्रित रहता है. 

पिछले सालों में ऑस्कर ने भारतीय सिनेमा को याद किया है. इरफान खान, श्रीदेवी, शशि कपूर, भानु अथैया और नितिन चंद्रकांत देसाई जैसे नामों को 'इन मेमोरियम' में जगह मिल चुकी है. ऐसे में धर्मेंद्र जैसे आइकॉन को मंच पर न दिखाना फैंस के लिए बड़ा निराशाजनक रहा. कई लोगों का कहना है कि वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा के योगदान को और ज्यादा मान्यता मिलनी चाहिए.