नोएडा में मौसम कर रहा मजाक! ऑनलाइन क्लास का आदेश जारी और अगले ही दिन गायब हुआ कोहरा

नोएडा में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है. रविवार को घने कोहरे के चलते प्रशासन ने स्कूलों में ऑनलाइन क्लास का आदेश जारी किया, लेकिन सोमवार को कोहरा पूरी तरह छंट गया.

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Reepu Kumari

दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम लोगों को हैरान कर रहा है. रविवार को हालात ऐसे थे कि सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया था, वहीं सोमवार की सुबह एकदम अलग तस्वीर नजर आई.

नोएडा प्रशासन ने घने कोहरे को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ऑनलाइन पढ़ाई का फैसला लिया, लेकिन मौसम का यह अचानक बदला मिजाज चर्चा का विषय बन गया है.

एक दिन में बदला मौसम का मिजाज

रविवार को दिल्ली से लेकर नोएडा तक घना कोहरा छाया रहा. दृश्यता इतनी कम थी कि पास खड़ा व्यक्ति भी साफ नजर नहीं आ रहा था. सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे. इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को लेकर सख्त फैसला किया. हालांकि सोमवार को सुबह होते ही कोहरा लगभग पूरी तरह गायब हो गया और सामान्य दृश्यता लौट आई.

ऑनलाइन क्लास का लिया गया फैसला

नोएडा प्रशासन ने रविवार को मौसम की गंभीरता को देखते हुए निजी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए. 19 जनवरी को स्कूलों को बंद रखते हुए छात्रों को लैपटॉप और मोबाइल के जरिए पढ़ाई करने को कहा गया. इसके बाद अधिकांश निजी स्कूलों ने तुरंत ऑनलाइन मोड में कक्षाएं शुरू कर दीं.

सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड को ध्यान में रखते हुए गौतम बुद्ध नगर जिले में सरकारी स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है. जिलाधिकारी के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे. यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी.

सभी बोर्डों पर लागू आदेश

बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने स्पष्ट किया कि यह आदेश परिषदीय, राजकीय और अशासकीय स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी, यूपी बोर्ड और अन्य सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा. स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है. आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और हल्की बारिश की भी आशंका जताई गई है. ऐसे में प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं.