बिहार में SC, ST, BC और EBC छात्रों के लिए गुड न्यूज; प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम हुई दोगुनी
बिहार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप को दोगुना किया, 2,271 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी.
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बहुत बड़ी खुशखबरी है. बिहार मंत्रिमंडल ने गुरुवार को छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि दोगुनी करने के लिए 2,271 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप दरों में संशोधन के लिए कुल 519.64 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए 1751.56 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे.
इस पहल से आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को बहुत राहत मिलेगी. यहां पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट सचिवालय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद चौधरी ने डिटेल जानकारी दी है.
स्कॉलरशिप दरों में संशोधन
अरविंद चौधरी ने कहा, 'कैबिनेट ने स्कॉलरशिप दरों में संशोधन के लिए 519.64 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे कक्षा 1-4 के लिए स्कॉलरशिप दोगुनी होकर 1,200 रुपये, कक्षा 5-6 के लिए 2,400 रुपये, कक्षा 7-10 के लिए 3,600 रुपये और आवासीय छात्रों के लिए सालाना 6,000 रुपये हो जाएगी.'
27 लाख छात्रों को लाभ होगा
उन्होंने कहा कि 2011 के आंकड़ों की तुलना में दरों में संशोधन किया गया है और इससे 27 लाख छात्रों को लाभ होगा. उन्होंने बताया कि पिछड़े वर्ग (बीसी) और अति पिछड़े वर्ग (ईबीसी) के छात्रों के लिए संबंधित वर्ग स्लैब के लिए संशोधित दरों पर 1,751.56 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत आएगी.
2,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव
बिहार सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बीसी और ईबीसी छात्रों के लिए मासिक छात्रावास सब्सिडी को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है.
इसमें आगे कहा गया है कि बीसी और ईबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप देने के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है, जिसके लिए 117.98 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
14.52 करोड़ रुपये की योजना रद्द करने का फैसला
मंत्रिमंडल ने पहले की 14.52 करोड़ रुपये की योजना को रद्द करने का फैसला किया है और इसके बजाय बक्सर में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के नाम पर एक संगीत महाविद्यालय स्थापित करने के लिए 87.81 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना को मंजूरी दी है.
इस ब्रीफिंग के दौरान मौजूद उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा, 'जीसीसी नीति 2026 को बिहार को बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों के लिए एक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए अनुमोदित किया गया है जो वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करना चाहती हैं.'
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