वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में इस वर्ष पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं. नए नियमों के अनुसार अब 80 फीसदी सीटों पर मुख्य विषय के अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा, जबकि 20 फीसदी सीटें एलाइड विषयों से भरी जाएंगी. विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया है कि कई विषयों जैसे अरेबिक, विदेशी भाषा, तेलुगु और लिंग्विस्टिक में इस बार एक भी पीएचडी सीट उपलब्ध नहीं है. इन विषयों के लिए न तो नेट और न ही जेआरएफ श्रेणी में सीटें जारी की गई हैं.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है, लेकिन इसे जल्द ही सक्रिय कर दिया जाएगा. बीएचयू के सभी संकायों में सीटों के आवंटन के लिए निर्धारित प्रतिशत का पालन किया जाएगा. मुख्य विषय में 80 फीसदी और एलाइड विषय में 20 फीसदी सीटें तय की गई हैं.
हालांकि आईएमएस बीएचयू में यह संरचना अलग होगी, जहां 50 फीसदी सीटें मुख्य विषय और 50 फीसदी एलाइड विषय के लिए आरक्षित रहेंगी. सीटों का आवंटन पूरी तरह मेरिट आधारित होगा. आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 600 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एससी और एसटी आवेदकों को 300 रुपये शुल्क देना होगा.
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विषय में मुख्य या एलाइड दोनों में से किसी श्रेणी के योग्य अभ्यर्थी पर्याप्त संख्या में नहीं मिलते हैं, तो सीटें आपसी श्रेणियों में बदली जा सकती हैं. हालांकि यह नियम आईएमएस पर लागू नहीं होगा. यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान हों, तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को उच्च रैंक प्रदान की जाएगी.
वहीं जिन अभ्यर्थियों को पहले चरण में वेरिफिकेशन या इंटरव्यू के लिए कॉल लेटर नहीं मिलेगा, उन्हें दूसरे चरण में आवेदन करना होगा. दूसरे चरण में खाली सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा. किसी विशेष वर्ग में सीटें खाली रहने पर उस वर्ग के ही अभ्यर्थियों से अगले चरण में रिक्तियां भरी जाएंगी.
जेआरएफ अभ्यर्थियों के लिए भी मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. उनके नेट स्कोर को मेरिट में शामिल नहीं किया जाएगा. उन्हें इंटरव्यू के आधार पर 100 फीसदी वेटेज दिया जाएगा. जबकि नेट योग्य अभ्यर्थियों के लिए 70 फीसदी वेटेज नेट परीक्षा और 30 फीसदी वेटेज इंटरव्यू का होगा. पीएचडी इंटरव्यू के परिणाम सभी अभ्यर्थियों के लॉगिन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे.
मुख्य और एलाइड विषयों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें नेपाली, तमिल, मराठी, अंग्रेजी, फिलॉसफी, संस्कृत, पुरातत्व, बुद्ध दर्शन, कला और फाइन आर्ट्स शामिल हैं. विश्वविद्यालय ने बताया है कि सीटों की संख्या और विषयों की उपलब्धता विभागीय आवश्यकता पर निर्भर करेगी.