क्या होता है टैक्स हॉलिडे? निर्मला सीतारमण ने जिसका अपने बजट भाषण में किया ऐलान? किसे होगा फायदा
टैक्स हॉलिडे एक ऐसी नीतिगत व्यवस्था सिकते तहत कंपनियों को एक निश्चित समय के लिए टैक्स से छूट दी जाती है. प्राथमिक सेक्टरों में निवेश को बढ़ाने, शुरुआती प्रोजेक्ट की लागत को कम करने और वैश्विक खिलाड़ियों को निवेश के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से ऐसा किया जाता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में भारत में स्थित डेटा सेंटर्स के माध्यम से दुनियाभर में क्लाउड सर्विस मुहैया कराने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की, जिसे भारत के डिजिटल ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.
क्या होता है टैक्स हॉलिडे
टैक्स हॉलिडे एक ऐसी नीतिगत व्यवस्था सिकते तहत कंपनियों को एक निश्चित समय के लिए टैक्स से छूट दी जाती है. प्राथमिक सेक्टरों में निवेश को बढ़ाने, शुरुआती प्रोजेक्ट की लागत को कम करने और वैश्विक खिलाड़ियों को निवेश के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से ऐसा किया जाता है.
सरकारें आम तौर पर बुनियादी ढांचा निर्माण को बढ़ावा देने और लंबी अवधि की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए अक्सर ऐसा करती हैं.
कौन ले सकता है टैक्स हॉलिडे का लाभ
टैक्स हॉलिडे का लाभ कुछ शर्तों पर आधारित होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि इसका पात्र होने के लिए विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को एक भारतीय पुनर्विक्रेता इकाई के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को सेवा प्रदान करनी होगी. ऐसा कर सरकार वैश्विक परिचालन के साथ-साथ घरेलू भागीदारी सुनिश्चित करने का इरादा रखती है.
वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे को सक्षम बनाना और डेटा केंद्रों में दीर्घकालिक निवेश को बढावा देना है, एक ऐसा क्षेत्र जिसे क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिक बुद्धिमत्ता और डिजिटल सेवाओं में भारत की महत्वाकांक्षाओं के लिए केंद्रीय माना जाता है.
अन्य बड़े कदम
वैश्विक निवेश को और अधिक समर्थन देने के लिए वित्त मंत्री ने कहा एडवांस्ड प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (APA) के लिए प्रोसेसिंग का समय घटाकर 2 साल किया जाएगा, जिसमें छ महीने का विस्तार संभव है. एपीए में प्रवेश करने वाली संबद्ध संस्थाओं को भी संशोधित रिटर्न की सुविधा दी जाएगी.
तकनीकी क्षेत्र के अतिरिक्त बजट में दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोविज्ञान संस्थान को स्थापित कर और राष्ट्रीय होटल प्रबंधन परिषद को अपग्रेड कर राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है.
क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए दी गई दीर्घकालिक कर छूट, वैश्विक डेटा केंद्रों और डिजिटल सेवाओं के लिए भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने के भारत के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है.