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Stock Market Fall: ट्रंप के डबल टैरिफ बम से बुरी तरह घायल हुआ शेयर बाजार, 2 दिन में 1500 अंकों तक धड़ाम हुआ सेंसेक्स

पिछले दो कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाजारों में भारी बिकवाली का दौर देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए. एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 706 अंक लुढ़ककर 80,080.57 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 211 अंक टूटकर 24,500.90 पर आ गया.

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Garima Singh

Stock Market Fall: पिछले दो कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाजारों में भारी बिकवाली का दौर देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए. गुरुवार को एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 706 अंक लुढ़ककर 80,080.57 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 211 अंक टूटकर 24,500.90 पर आ गया. इस गिरावट ने निवेशकों की चिंताओं को और गहरा कर दिया, क्योंकि बाजार वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं से जूझ रहा है. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल पांच ही हरे निशान में बंद हुए. टाइटन ने 1.2% की मामूली बढ़त हासिल की, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.61%), लार्सन एंड टुब्रो (0.27%), एक्सिस बैंक (0.46%) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (0.17%) ने भी पॉजिटिव परफॉर्मेंस दी.

दूसरी ओर, आईटी और फाइनेंस क्षेत्रों में भारी नुकसान देखा गया. एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.85%, इंफोसिस में 1.95%, पावर ग्रिड में 1.93%, टीसीएस में 1.89% और एचडीएफसी बैंक में 1.55% की गिरावट दर्ज की गई. मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.3% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.47% की कमी आई. क्षेत्रीय सूचकांकों में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.49%) और पीएसयू बैंक (0.33%) में मामूली बढ़त देखी गई, जबकि आईटी, बैंकिंग, रियल्टी, एफएमसीजी और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में करीब 1% की गिरावट रही.

टैरिफ की अनिश्चितता ने बढ़ाई निवेशकों की बेचैनी

अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं ने भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित किया है. 'जियोजित इन्वेस्टमेंट्स' के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ लागू होने की चिंता ने बाजार में निराशावाद को बढ़ाया, जिससे निवेशकों का मूड कमजोर रहा. कपास आयात शुल्क में छूट ने नीतिगत समर्थन की उम्मीद जगाई, लेकिन जोखिम-रहित माहौल में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा.” रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने बताया, “बाजार में गिरावट केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है. महीने के आखिरी के दिन लगभग 1% की गिरावट देखी गई. दिग्गज शेयरों ने सूचकांक को नीचे खींचा, और वैश्विक घटनाक्रम निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगे. तकनीकी रूप से, निफ्टी ने 24,600 के पास 100-दिवसीय ईएमए को तोड़ा है. अगला समर्थन 24,250-24,350 के बीच है, जबकि प्रतिरोध 24,650-24,800 पर है.”

बाजार का भविष्य: सतर्कता और समेकन का दौर

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज़ की इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रान्ति बाथिनी ने कहा, “बाजार समेकन के दौर में है. अमेरिकी टैरिफ की वजह से प्रतिक्रियाएं बढ़ रही हैं, लेकिन निफ्टी का 24,500 का स्तर मध्यावधि समर्थन है. सीमित दायरे में कारोबार और बिकवाली का दबाव बना हुआ है, हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी का रुझान भी दिख रहा है.”लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग ने बताया, “वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है. विदेशी पूंजी निकासी और टैरिफ की आशंकाओं ने अस्थिरता को बढ़ाया है.”