शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी 23,400 के पार बंद
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह वैल्यू बाइंग रही. जब बाजार पहले गिरावट में था, तब निवेशकों ने कम कीमत पर अच्छे शेयर खरीदने शुरू कर दिए.
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली. दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 938.93 अंक की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार में कुल मिलाकर मिश्रित रुख देखने को मिला. लगभग 1,410 शेयरों में तेजी रही, जबकि 2,772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 157 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. दिन के दौरान सेंसेक्स ने 75,805 और निफ्टी ने 23,502 का उच्च स्तर भी छुआ.
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
निफ्टी के कई बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. खासतौर पर *हिंदाल्को, अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम और जेएसडब्ल्यू स्टील* जैसे शेयरों में तेजी रही. वहीं दूसरी ओर बीईएल, पावर ग्रिड, मैक्स हेल्थ, श्रीराम फाइनेंस और कोल इंडिया जैसे कुछ शेयरों में गिरावट भी देखी गई.
वैल्यू बाइंग से बाजार को मिला सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह वैल्यू बाइंग रही. जब बाजार पहले गिरावट में था, तब निवेशकों ने कम कीमत पर अच्छे शेयर खरीदने शुरू कर दिए. दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स करीब 700 अंक तक उछल गया. इस दौरान मेटल, ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली.
इंडिया VIX में कमी से सुधरा भरोसा
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX करीब 5 फीसदी घटकर 22 से नीचे आ गया. इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों को फिलहाल बहुत ज्यादा बिकवाली का डर नहीं है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि VIX का स्तर अभी भी थोड़ा ऊंचा है, इसलिए निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
वैश्विक हालात से भी मिला समर्थन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले. रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका कुछ देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए गठबंधन बनाने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा भारत के दो एलपीजी जहाज सुरक्षित तरीके से इस मार्ग को पार कर भारत की ओर बढ़ चुके हैं. इससे तेल और गैस आपूर्ति को लेकर तत्काल चिंता कम हुई है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार के माहौल पर भी पड़ा.