Stock Market Updates: RBI की पॉलिसी से पहले बाजार में बेचैनी, सेंसेक्स 300 अंक लुढ़का; निफ्टी 22,500 के करीब

Stock Market Updates: सुबह 9:22 बजे तक, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स में 255.49 अंकों की गिरावट आई, जिससे यह 73,971.59 पर पहुंच गया. वहीं एनएसई निफ्टी 86.70 अंकों की कमी के साथ 22,449.15 पर आ गया.

Social Media
Ritu Sharma

Stock Market Updates: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई. ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों से पहले निवेशकों में सतर्कता देखी गई. सुबह 9:22 बजे तक सेंसेक्स 255.49 अंक टूटकर 73,971.59 पर और निफ्टी 86.70 अंक गिरकर 22,449.15 पर आ गया.

'सड़कों पर खून बह रहा है', बाजार में डर का माहौल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने बाजार की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, ''चीन पर 104% टैरिफ लागू होने जा रहा है, सड़कों पर खून बह रहा है और अनिश्चितता का माहौल हावी है.'' उन्होंने यह भी कहा कि यह गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए एक बेहतर मौका हो सकता है.

पॉजिटिव ट्रेंड - कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती

बता दें कि पावर ग्रिड कॉरपोरेशन 1.90% की बढ़त के साथ सेंसेक्स पर टॉप गेनर रहा. नेस्ले इंडिया में 1.44% और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.98% की तेजी रही. एमएंडएम और एशियन पेंट्स ने क्रमश: 0.72% और 0.63% की बढ़त दर्ज की.

आईटी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

वहीं टाटा स्टील 3.30% टूट गया. टेक महिंद्रा में 2.66%, इंफोसिस में 2.16%, HCL टेक में 1.93% और TCS में 1.37% की गिरावट रही. आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.22% टूटा.

सभी सेक्टर्स में बिकवाली, सिर्फ FMCG और ऑटो ने दिखाई मजबूती

निफ्टी मेटल (-2.12%), फार्मा (-1.73%), रियल्टी (-1.53%), हेल्थकेयर (-1.39%), ऑयल एंड गैस (-1.23%) और मीडिया (-0.96%) में गिरावट देखी गई. वित्तीय शेयरों में भी दबाव रहा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.53%, पीएसयू बैंक 0.72% और प्राइवेट बैंक 0.35% लुढ़के. हालांकि, निफ्टी FMCG में 0.45% और ऑटो इंडेक्स में 0.10% की मामूली बढ़त दर्ज हुई.

भारत फिर भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम

इसके अलावा आगे विजयकुमार ने कहा, ''हाल की वैश्विक बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. मौद्रिक नीति में संभावित 25 बेसिस पॉइंट की कटौती से बाजार को राहत मिल सकती है.'' कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी भारत के लिए सकारात्मक है, लेकिन वैश्विक मंदी या बढ़ती महंगाई बड़ा झटका दे सकती है.