चुनाव नतीजे, तेल के दाम और 3 बड़े फैक्टर तय करेंगे शेयर मार्केट का रुख, निवेश से पहले ही जान लें विशेषज्ञों की राय
अगले वीक शेयर मार्केट की ओपनिंग पांच राज्यों में हुए चुनावों की मतगणना के साथ होगी. इसी से मार्केट का मिजाज भी सेट होगा. मार्केट दिशा तेल के दाम और चुनाव सहित कंपनियों की कमाई तय करेगी.
आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा तीन मुख्य कारकों से प्रभावित होने की संभावना है. जिनका सेंसेक्स और निफ्टी जैसे बेंचमार्क इंडेक्स पर काफी असर पड़ सकता है. इनमें से, सबसे तात्कालिक कारक हाल ही में पांच भारतीय राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे होंगे, जिनकी घोषणा सोमवार को होनी है.
चुनावों के नतीजे सेट करेंगे मार्केट रुख
एक्सपर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में चुनावों के नतीजे निवेशकों की सोच को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे. बाजार के खिलाड़ी इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या केंद्र में सत्ताधारी पार्टी पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों में बढ़त बना पाती है, जहां अभी तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और क्या केरल और तमिलनाडु जैसी विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों में कोई बदलाव होता है.
तेल की कीमतें तय करेंगी डायरेक्शन
दूसरा अहम कारक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जिओपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों को सतर्क रखा है. ऑइल ट्रांसपोर्टेशन का एक अहम वैश्विक मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जो को लेकर चिंताओं ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें अभी 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है. भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देश के लिए, कच्चे तेल की कीमतों का लगातार ऊंचा बने रहना अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकता है और बाजार के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है.
कंपनियों की कमाई होगी तीसरा बड़ा फैक्टर
तीसरा मुख्य फैक्टर कंपनियों की कमाई होगी. आने वाले हफ्ते में कई बड़ी कंपनियां अपनी चौथी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं, जिनमें अंबुजा सीमेंट्स, BHEL, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो शामिल हैं. इन कंपनियों का प्रदर्शन चाहे मुनाफे में बढ़ोतरी के लिहाज से हो या घाटे के लिहाज से निवेशकों के भरोसे और बाजार के रुझानों को प्रभावित करेगा.
ये फैक्टर भी होगा अहम
इन फैक्टर्स के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी एक अहम निगरानी का विषय बनी रहेंगी. 4 मई को HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI, 6 मई को सर्विसेज PMI और 8 मई को विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों जैसी आर्थिक जानकारियों के जारी होने से भी बाजारों को आगे की दिशा मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, घरेलू राजनीतिक घटनाक्रम, वैश्विक आर्थिक संकेत और कंपनियों की कमाई- इन सभी के मिले-जुले असर से ही यह तय होगा कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार का रुख कैसा रहेगा.