शेयर बाजार में हाहाकार! 106 से ज्यादा शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर, Nifty 24,000 के नीचे
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली हुई. निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला और सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटा. 106 से ज्यादा शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए.
नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने भारतीय बाजार का मूड बिगाड़ दिया. कारोबार के दौरान निफ्टी 23,800 के करीब पहुंच गया. ऑटो और रियल्टी शेयरों पर खास दबाव रहा, जबकि कई चर्चित कंपनियों के शेयर सालभर के सबसे निचले स्तर पर आ गए.
बाजार में चौतरफा बिकवाली
2 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत से ही दबाव नजर आया. निफ्टी 50 दिन के दौरान 23,786 तक फिसल गया और दोपहर में करीब 211 अंक नीचे 23,808 के आसपास कारोबार कर रहा था. सेंसेक्स भी लगभग 691 अंक टूटकर 76,252 के स्तर तक पहुंच गया. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही. निफ्टी मिडकैप100 करीब 1.3 फीसदी और स्मॉलकैप100 लगभग 0.9 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे.
इन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
बिकवाली के बीच 106 से अधिक शेयरों ने अपना 52 हफ्ते का निचला स्तर छुआ. इनमें रेलवे से जुड़े आरवीएनएल और आईआरसीटीसी के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, फर्स्टक्राई और केईसी इंटरनेशनल जैसे नाम भी शामिल रहे. निफ्टी के भीतर ईचर मोटर्स सबसे ज्यादा दबाव में रहा और करीब 5.7 फीसदी टूट गया. बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दिखी. सेक्टरों में ऑटो और रियल्टी सबसे कमजोर रहे.
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तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
बाजार की कमजोरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव बड़ी वजह माना जा रहा है. इस घटनाक्रम से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है. ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल अर्थव्यवस्था और तेल पर निर्भर कंपनियों दोनों के लिए चिंता बढ़ाता है.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का भी दबाव
अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी पर यील्ड करीब 4.8 फीसदी तक पहुंचने से भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव आया. ऊंची अमेरिकी यील्ड वैश्विक निवेशकों को अपेक्षाकृत सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित कर सकती है. इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी निकलने की आशंका बढ़ती है. इसी माहौल में इंडिया VIX भी करीब 3.6 फीसदी चढ़कर 11.92 पर पहुंच गया. बाजार की नजर अब भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी.