यूएस-ईरान शांति समझौते से झूमा बाजार, सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा उछला
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी तेजी आई. कच्चे तेल के दाम 4% टूटने से सेंसेक्स 1200 से अधिक अंक उछला और निफ्टी 24,000 के पार निकल गया.
मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही भारी बढ़त के साथ बंद हुए. वैश्विक बाजारों में आई मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने इस तेजी को हवा दी है. यह राहत अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद मिली है.
कारोबार के दौरान सुबह करीब 11 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1270 अंक यानी 1.68% की छलांग लगाकर 76,798 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं NSE निफ्टी भी 383 अंक यानी 1.62% की बढ़त के साथ 24000 के पार निकल गया. बाजार में चारों तरफ खरीदारी का माहौल रहा और स्मॉलकैप व मिडकैप इंडेक्स भी अच्छे मुनाफे में रहे.
क्या रही सबसे बड़ी वजह
इस भारी तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से चल रहे विवाद का खत्म होना है. इस समझौते के बाद 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' यानी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी. यह समुद्री रास्ता दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई को संभालता है. इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा संकट का डर खत्म हो गया और निवेशकों का भरोसा बढ़ गया.
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शांति समझौते की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड यानी कच्चे तेल के दाम 4% से ज्यादा टूटकर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए. गौरतलब है भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से मंगाता है इसलिए तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खुशखबरी है. इससे देश में महंगाई काबू करने, रुपये को मजबूत बनाने और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी.
साउथ कोरिया और जापान का मार्केट भी चढ़ा
वैश्विक मोर्चे पर दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बाजार तेजी से ऊपर भागे जबकि चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी हरियाली रही. अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे. दिग्गज शेयरों में एचडीएफसी बैंक के शेयर करीब 2% चढ़ गए क्योंकि विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की नई एनआरआई डिपॉजिट स्कीम से बैंक को बड़ा फायदा होगा.
इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से एलएंडटी (L&T) के शेयर भी 3% से ज्यादा उछल गए. कच्चा तेल सस्ता होने से एयरलाइंस, पेंट, टायर और तेल कंपनियों के शेयरों में भी जमकर खरीदारी हुई. साथ ही भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और बाजार में उतार-चढ़ाव का डर भी कम हुआ.