शेयर बाजार हुआ धड़ाम! सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी 24,050 के पास हुआ बंद; जानें गिरावट के 7 बड़े कारण

अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 84.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से सेंसेक्स 561 अंक और निफ्टी 159 अंक गिरकर बंद हुए. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी से बाजार में भारी गिरावट रही.

ai generated
Kuldeep Sharma

मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी से भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. इसके अलावा, कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक की गिरावट के साथ 77,054.94 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 158.95 अंक टूटकर 24,052.05 के स्तर पर आ गया.

बाजार में चौतरफा गिरावट रही और ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. केवल एफएमसीजी , फार्मा और मेटल शेयरों में ही मामूली बढ़त देखी गई. छोटे और मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा; निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.85% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.60% की गिरावट दर्ज की गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से ईंधन और मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ने की आशंका के चलते ऑटो सेक्टर 1.6% और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयर्स 1.2% तक टूट गए. इसके साथ ही, कमजोर मांग और धीमी ग्रोथ की आशंकाओं के बीच एचसीएल टेक का शेयर भी 2.2% नीचे आ गिरा.

शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण

1. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमले किए हैं. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. इस भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ब्रेंट क्रूड का भाव 1.63% बढ़कर 84.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो 17 जून को हुए अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के बाजार विशेषज्ञ वीके विजयकुमार के अनुसार, अगर तेल की कीमतें इसी स्तर पर रहीं तो यह भारतीय बाजार पर बेहद बुरा असर डालेगा.

3. वैश्विक बाजारों की कमजोरी

एशियाई बाजारों में आज भारी गिरावट देखने को मिली. दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.71% तक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी नुकसान में रहे. अमेरिकी बाजारों के सोमवार को गिरावट के साथ बंद होने से निवेशकों में घबराहट और बढ़ गई.

4. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय बाजार से 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा निकाल लिया. विदेशी फंडों की इस लगातार बिकवाली ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है.

5. बाजार में बढ़ती घबराहट

बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' करीब 3% बढ़कर 14 के स्तर के पास पहुंच गया है. यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में बाजार में और भी बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं.

6. वीकली F&O एक्सपायरी का दबाव

मंगलवार को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी भी थी. एक्सपायरी के दिन अमूमन निवेशक अपनी पुरानी पोजीशन को बंद या रोलओवर करते हैं, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.

7. कमजोर होता रुपया

भू-राजनीतिक तनाव और अन्य एशियाई मुद्राओं में गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 48 पैसे कमजोर होकर 96.16 के स्तर पर आ गया. रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दोहरा दबाव बनाया.