आज से बदल जाएंगे SBI क्रेडिट कार्ड के नियम! इस्तेमाल करने वालों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जान लीजिए नए रूल

1 मई 2026 से SBI क्रेडिट कार्ड के नियम बदल रहे हैं. एनुअल फीस माफी की सीमा, लेट पेमेंट चार्ज और बकाया राशि पर नए नियम लागू होंगे. खासकर SBI BPCL क्रेडिट कार्ड यूजर्स को इन बदलावों का सीधा असर पड़ेगा.

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Kuldeep Sharma

SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए 1 मई 2026 से कुछ अहम नियम बदलने जा रहे हैं. अगर आप भी SBI का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो ये बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं. बैंक ने एनुअल फीस माफी, लेट पेमेंट चार्ज और बकाया राशि पर नए स्लैब की घोषणा की है. इन बदलावों का मकसद ग्राहकों को ज्यादा खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करना है, लेकिन छोटे बकाये पर अब पहले से ज्यादा चार्ज लगेगा. इसलिए कार्ड यूजर्स को इन नए नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए.

1 मई से बदलेंगे SBI क्रेडिट कार्ड नियम

1 मई 2026 से SBI क्रेडिट कार्ड के कई नियम बदल रहे हैं. सबसे बड़ा बदलाव SBI BPCL क्रेडिट कार्ड में देखने को मिलेगा. बैंक ने स्पष्ट किया है कि अब ग्राहकों को एनुअल फीस माफी पाने के लिए एक लाख रुपये का न्यूनतम वार्षिक खर्च करना होगा. इससे कम खर्च करने वालों को फीस का भुगतान करना पड़ेगा.

सालाना शुल्क सीमा में भी बदलाव

SBI ने एनुअल फीस माफी की सीमा बढ़ा दी है. अब एक लाख रुपये तक का वार्षिक खर्च करने पर ही ग्राहकों को एनुअल फीस माफी मिल सकेगी. पहले यह सीमा कम थी. इस बदलाव से नियमित और ज्यादा खर्च करने वाले कार्ड यूजर्स को फायदा होगा, जबकि कम इस्तेमाल करने वालों पर एक्स्ट्रा वर्डन पड़ेगा. 

लेट पेमेंट चार्ज में भी नया नियम

लेट पेमेंट चार्ज के नियम भी सख्त हो गए हैं. अब 100 रुपये तक के बकाये पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. 500 रुपये तक के बकाये पर पहले जो छूट थी, उसे घटाकर केवल 100 रुपये कर दिया गया है. 500 से 1000 रुपये तक के बकाये पर अब 500 रुपये का चार्ज लगेगा, जो पहले 400 रुपये था.

बकाया राशि पर चार्ज स्लैब

50,000 रुपये से अधिक बकाया राशि पर चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहां अभी भी 1300 रुपये का शुल्क लागू रहेगा. बैंक का कहना है कि ये बदलाव भुगतान अनुशासन को बढ़ावा देने और जोखिम प्रबंधन के लिए किए गए हैं.

कार्ड यूजर्स के लिए सलाह

SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वो नए नियमों को ध्यान से समझ लें. नियमित भुगतान करने वाले और ज्यादा खर्च करने वाले कार्डधारकों को इन बदलावों से फायदा हो सकता है, जबकि अनियमित भुगतान करने वालों को सावधानी बरतनी होगी.