अब लोन रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे बदसलूकी, 1 अक्तूबर से बदलने जा रहे नियम
आरबीआई ने लोन रिकवरी को लेकर नए नियम तय कर दिए हैं जो 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे. नए नियमों से ग्राहकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
बैंक अब उन्हीं लोगों को लोन रिकवरी एजेंट बना सकेंगे जिन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) से ट्रेनिंग ली हो. लोन रिकवरी एजेंट के लिए IIBF ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाता है. इसके साथ ही बैंक को लोन लेने वालों को अपनी रिकवरी एजेंसी और एजेंट की पूरी जानकारी देनी होगी.
यदि रिकवरी एजेंसी में बैंक अगर कोई बदलाव करता है तो बदलाव के बारे में भी उधार लेने वालों को सूचित करना होगा. आरबीआई ने ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लोन रिकवरी के नियमों में बदलाव किया है जिसे आगामी अक्तूबर से लागू किया जाएगा.
केवल ट्रेंड एजेंट ही कर सकेंगे लोन रिकवरी
नए नियमों के मुताबिक, बैंक की तरफ से नियुक्त रिकवरी एंजेंसी को इस बात की गारंटी देनी होगी कि उनके एजेंट लोन रिकवरी के लिए निर्धारित सभी नियमों का पालन करेंगे. वहीं एजेंट लोन रिकवरी के लिए ग्राहक को सुबह आठ बजे से शाम के सात बजे के बीच में ही कॉल कर सकेंगे.
केवल ग्राहक के अनुरोध पर ही वो उसे अलग समय पर कॉल कर पाएंगे. वहीं लोन रिकवरी एजेंट को ग्राहक के घर भेजने से पहले बैंक कम से कम एक दिन पहले ई-मेल या फोन मैसेज के जरिए एजेंट की पूरी जानकारी देगा. वहीं अगर ग्राहक का ईमेल या फोन नंबर नहीं है तो तीन दिन पहले नोटिस भेजकर उसे सूचित किया जाएगा.
आरबीआई के नए नियम के मुताबिक अगर लोन लेने वाले ने उधार से संबंधित कोई शिकायत बैंक में दर्ज करा रखा है तो उस शिकायत के निपटान तक लोन लेने वाले के पास बैंक किसी कर्मचारी या रिकवरी एजेंट को नहीं भेज सकता है.
बार-बार कॉल कर नहीं करेंगे परेशान
वहीं लोन लेने वाले के पास बैंक कर्मचारी या रिकवरी एजेंट की तरफ से किए जाने वाले सभी कॉल की तारीख और समय दर्ज किए जाएंगे. अगर कॉल के दौरान बातचीत रिकॉर्ड की जा रही है तो इसकी जानकारी भी ग्राहकों को दी जाएगी. इस रिकॉर्डिंग को छह माह तक रखा जा सकेगा.
बैंक को काल रिकॉर्ड करने के कारण भी बताना होगा. लोन की रिकवरी के लिए बैंक लोन लेने वाले के मोबाइल या टैबलेट में किसी भी तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा. अगर मोबाइल फोन बैंक से उधार लेकर नहीं खरीदा गया है तो बैंक किसी भी लोन लेने वाले के मोबाइल फोन को लोन रिकवरी के नाम पर अपने कब्जे में नहीं ले सकता है.