'मंदिरों में बहुत सोना....', टाइटन CFO ने मोदी सरकार को सुझाया Gold Import रोकने का मास्टरप्लान
टाइटन कंपनी के CFO अशोक सोनथालिया ने पीएम नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर कहा कि पुराने सोने के पुनः उपयोग और एक्सचेंज से गोल्ड इंपोर्ट घटाकर विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सकता है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है, जिसका असर ज्वेलरी बाजार पर देखने को मिल रहा है और ज्वेलरी कंपनियों के शेयर धड़ाम हो चुके हैं. पीएम मोदी ने ये अपील विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए किया है, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिल रहा है. वही अब टाइटन कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी अशोक सोनथालिया ने सरकार को इस चिंता का समाधान सुझाया है.
टाइटन कंपनी के सीएफओ अशोक सोनथालिया एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत के क्रम में कहा कि भारत में लोगों के पास, मंदिरों और बैंक लॉकरों में बड़ी मात्रा में सोना पहले से मौजूद है, जिसका अगर सही तरीके से पुन: उपयोग और एक्सचेंज किया जाए, तो नए सोने के आयात की जरूरत काफी कम हो सकती है. इससे लोगों को परेशानी भी नहीं होगी और सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार भी बचा रहेगा.
अपील का बाजार और रोजगार पर कितना असर?
सोनथालिया ने कहा कि टाइटन और उसकी ज्वेलरी ब्रांड Tanishq पहले से एक्सचेंज प्रोग्राम चला रही हैं, जिसके जरिए पुराने सोने का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह उपाय केवल मौजूदा संकट ही नहीं, बल्कि भविष्य में भी गोल्ड इंपोर्ट कम करने का प्रभावी तरीका साबित हो सकता है. साथ ही यह भी कहा कि अभी यह देखना जरूरी है कि प्रधानमंत्री की अपील का बाजार और रोजगार पर कितना असर पड़ता है. आने वाले कुछ हफ्तों में स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
बता दें कि पीएम मोदी के बयान के बाद टाइटन, जो खुद ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ है, के शेयरों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. कंपनी का शेयर दो दिनों से भयंकर दबाव झेल रहा है और बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी आई है. सिर्फ टाइटन ही नहीं, बल्कि अन्य ज्वेलरी कंपनियां भी पीएम के इस अपील के बाद से परेशानी झेल रही है.
क्या कहा था पीएम मोदी ने?
दरअसल, पीएम मोदी ने बीते दो दिनों में लगातार दो बार देश के लोगों से ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए एक साल तक गोल्ड न खरीदने की अपील की थी. पीएम मोदी के इस अपील के बाद से कई राज्यों की सरकारों ने ईंधन बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. माना ये जा रहा है कि आने वाले दिनों में ये प्रतिबन्ध और अधिक कड़ाई से लागू किए जाएंगे. कुछ लोग लॉकडाउन जैसे हालत पुनः आने की बात कह रहे हैं, लेकिन सरकार ने इन तमाम अफवाहों को खारिज कर दिया है.