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EPFO का बड़ा ऐलान, 7 लाख लोगों के खातों में आएंगे पैसे; जानें क्या है पूरा मामला

EPFO के अनुसार, जिन पीएफ खातों में पिछले 36 महीनों यानी तीन वर्षों से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ और जिनका बैलेंस 1,000 रुपये या उससे कम है, उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया है.

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नई दिल्ली: देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने लंबे समय से बंद पड़े छोटे पीएफ खातों में जमा रकम लौटाने का फैसला किया है. इस निर्णय के तहत करीब 7 लाख निष्क्रिय खातों में फंसी लगभग 30.52 करोड़ रुपये की राशि सीधे संबंधित खाताधारकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी.

EPFO का कहना है कि यह कदम उन लोगों के हित में उठाया गया है, जिन्होंने कभी कम अवधि के लिए नौकरी की थी या नौकरी बदलने के बाद पीएफ का दावा नहीं किया और उनका खाता निष्क्रिय हो गया. ऐसे लाखों खाते वर्षों से बिना उपयोग के पड़े हैं, जिनमें छोटी-छोटी रकम जमा है. अब इन खातों को साफ करते हुए पैसा वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

क्या है पूरा मामला

EPFO के अनुसार, जिन पीएफ खातों में पिछले 36 महीनों यानी तीन वर्षों से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ और जिनका बैलेंस 1,000 रुपये या उससे कम है, उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया है. देशभर में ऐसे करीब 7 लाख खाते चिन्हित किए गए हैं, जिनमें कुल 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं. संगठन अब यह राशि संबंधित सदस्यों के बैंक खातों में स्वतः भेजेगा.

पहल किन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण?

यह पहल खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्होंने अल्प अवधि की नौकरी के बाद पीएफ क्लेम नहीं किया या नौकरी बदलने पर खाता ट्रांसफर नहीं कराया. कई मामलों में लोगों को यह भी याद नहीं रहता कि उनके नाम से कोई पीएफ खाता मौजूद है.

बिना आवेदन के मिलेगा पैसा

EPFO ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के लिए खाताधारकों को कोई दावा फॉर्म भरने या कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी. पूरी प्रक्रिया स्वचालित रूप से पूरी की जाएगी. जिन सदस्यों के पीएफ खाते आधार से लिंक बैंक खाते से जुड़े हैं, उनमें राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी. यदि किसी खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, तो उसके खाते में जमा रकम नामांकित व्यक्ति को दी जाएगी. इससे वर्षों से लंबित छोटी रकम भी सही हकदार तक पहुंच सकेगी.

निष्क्रिय खाता किसे माना जाता है?

EPFO के नियमों के अनुसार, जब किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीनों तक कोई लेन-देन या अंशदान नहीं होता, तो उसे निष्क्रिय माना जाता है. यह स्थिति आमतौर पर नौकरी बदलने, विदेश जाने, सेवानिवृत्ति या समय पर पीएफ दावा न करने के कारण बनती है.

31.86 लाख निष्क्रिय खाते

आंकड़ों के अनुसार, EPFO के पास फिलहाल लगभग 31.86 लाख निष्क्रिय खाते हैं, जिनमें कुल करीब 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से सबसे पहले 1,000 रुपये तक शेष राशि वाले खातों का निपटान किया जा रहा है, जिनकी संख्या लगभग 7 लाख है. संगठन ने संकेत दिया है कि इस चरण के बाद शेष निष्क्रिय खातों की भी समीक्षा की जाएगी और धीरे-धीरे बड़ी राशि वाले खातों के मामलों पर भी निर्णय लिया जा सकता है.

लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

EPFO ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य के बैंक खाते में अचानक छोटी राशि, जैसे 1,000 रुपये तक, जमा होती है तो संभव है कि वह निष्क्रिय पीएफ खाते की वापसी हो. ऐसे में लोग अपने पुराने रोजगार रिकॉर्ड और पीएफ विवरण की जांच कर सकते हैं.