US Israel Iran War

अब चुटकियों में मिलेगा PF का पैसा! अप्रैल से सीधे UPI के जरिए निकाल सकेंगे फंड, जानें क्या है सरकार का नया मास्टरप्लान

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करीब 8 करोड़ अंशधारकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए आपको लंबी कागजी कार्रवाई या हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा.

X
Ashutosh Rai

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करीब 8 करोड़ अंशधारकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए आपको लंबी कागजी कार्रवाई या हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा.

मोदी सरकार एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रही है, जिसके तहत आप अपने मोबाइल से UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफ़ेस) के जरिए प्रोविडेंट फंड (EPF) का पैसा सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे. उम्मीद है कि यह सुविधा इस साल अप्रैल 2026 तक शुरू हो जाएगी.

कैसे काम करेगा नया UPI सिस्टम?

श्रम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नया सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित किया जा रहा है जो आपके ईपीएफ खाते को सीधे बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ देगा. मेंबर्स अपने बैंक खाते से लिंक UPI पिन का इस्तेमाल करके ट्रांजेक्शन पूरा कर पाएंगे. आप देख सकेंगे कि आपके कुल पीएफ बैलेंस में से कितना हिस्सा विड्रॉल के लिए उपलब्ध है.

जैसे ही आप UPI पिन दर्ज करेंगे, पैसा सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते में पहुंच जाएगा. इसके बाद आप उस पैसे का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट या ATM से नकद निकालने के लिए कर सकेंगे.

100% तक निकाल सकेंगे पैसा

अक्टूबर 2025 में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने निकासी नियमों को बेहद आसान बना दिया है. पहले के 13 जटिल नियमों को अब केवल तीन श्रेणियों में बांटा गया है.

इमरजेंसी जरूरतें: बीमारी, शिक्षा और शादी.

आवास: घर खरीदना या मरम्मत.

विशेष परिस्थितियां

अब सदस्य अपने एलिजिबल बैलेंस का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे (इसमें नियोक्ता का हिस्सा भी शामिल है). हालांकि, भविष्य की सुरक्षा के लिए खाते में 25% बैलेंस अनिवार्य रूप से बरकरार रखा जाएगा, जिस पर आपको 8.25% की दर से आकर्षक ब्याज मिलता रहेगा.

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

फिलहाल, EPFO हर साल 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस करता है, जिससे सिस्टम पर भारी बोझ पड़ता है. हालांकि ऑटो-सेटलमेंट से अब 5 लाख रुपये तक का क्लेम 3 दिन में मिल जाता है, लेकिन UPI सिस्टम इसे रियल-टाइम (तुरंत) बना देगा. EPFO के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए सरकार इस सुविधा को 'बैंकों के बराबर' लाकर सदस्यों का जीवन आसान बनाना चाहती है.