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न्यू इनकम टैक्स बिल संसद में पेश, नए बिल में क्या हुए बदलाव, टैक्स भरने वालों को क्या होगा फायदा?

NPV और एसोसिएट्स LLP के कर और एफईएमए सलाहकार हैं सीए चिंतन वाजानी ने कहा, "वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स बिल 2025 को पेश किया है ताकि कर कानूनों को संक्षिप्त, स्पष्ट और उपयोगकर्ता-मित्र बनाया जा सके. यह बिल जटिल शब्दों को सरल करता है, अप्रचलित धाराओं को हटाता है और जटिल अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या प्रणाली के बजाय सीधी-साधी संख्या प्रणाली का उपयोग करता है."

Sagar Bhardwaj

2025 के बजट सत्र के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक नया इनकम टैक्स बिल पेश किया, जो मौजूदा कानून की जगह लेगा. यह नया बिल 1961 के इनकम टैक्स एक्ट का सुधार है और इसे सरल और उपयोगकर्ता-मित्र बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

नए बिल में क्या बदलाव हुए हैं?

नया बिल 23 अध्यायों, 16 अनुसूचियों और लगभग 536 धाराओं के साथ आता है, जो वर्तमान एक्ट के मुकाबले काफी संक्षिप्त है. जहां मौजूदा एक्ट में 823 पृष्ठ, 23 अध्याय, 14 अनुसूचियां और 298 धाराएं हैं, वहीं नया बिल इसे स्पष्ट और संक्षिप्त बनाता है. इस बिल का उद्देश्य न केवल जटिलता को कम करना है, बल्कि इसे आम करदाताओं के लिए भी समझने योग्य बनाना है.

वित्त मंत्री ने इस नए बिल में जटिल कानूनी शब्दों को हटाकर सरल और स्पष्ट शब्दों का प्रयोग किया है. इसमें 'टैक्स वर्ष' शब्द को शामिल किया गया है, जो पहले के 'असेसमेंट वर्ष' को बदलने के लिए प्रस्तुत किया गया है. इससे करदाताओं को समझने में आसानी होगी, क्योंकि 'असेसमेंट वर्ष' अक्सर भ्रम पैदा करता था.

करदाताओं के लिए क्या लाभ?

सीए चिंतन वाजानी, जो NPV और एसोसिएट्स LLP के कर और एफईएमए सलाहकार हैं, ने कहा, "वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स बिल 2025 को पेश किया है ताकि कर कानूनों को संक्षिप्त, स्पष्ट और उपयोगकर्ता-मित्र बनाया जा सके. यह बिल जटिल शब्दों को सरल करता है, अप्रचलित धाराओं को हटाता है और जटिल अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या प्रणाली के बजाय सीधी-साधी संख्या प्रणाली का उपयोग करता है."

इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सहज बनाना है, ताकि उन्हें कठिन प्रक्रियाओं से जूझने की बजाय, एक सरल मार्गदर्शन मिले.

नया बिल सेलेक्ट पैनल को भेजा जाएगा

इनकम टैक्स बिल के लोकसभा में पेश होने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की सिफारिश की है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला जल्द ही सेलेक्ट पैनल के सदस्यों की सूची जारी करने की संभावना है. स्रोतों के अनुसार, इस कमेटी को आगामी मानसून सत्र तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी. यह प्रक्रिया बिल को पारित करने से पहले अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है.