ईरान-अमेरिका जंग से शेयर बाजार धड़ाम! भारतीय निवेशकों के 50 लाख करोड़ रुपये डूबे, निफ्टी लुढ़कर 22500 तक पहुंचा
मिडिल ईस्ट जंग के तीन हफ्तों में अमेरिका, चीन, जापान और भारत के शेयर बाजारों में भारी नुकसान हुआ है. भारतीय निवेशकों के 50 लाख करोड़ रुपये डूब गए. निफ्टी 22500 के नीचे पहुंच गया.
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग ने पूरी दुनिया के शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया है. अमेरिका, चीन और जापान जैसे बड़े देशों में ट्रिलियन डॉलर स्वाहा हो गए. भारत में भी सोमवार को कोहराम मचा, जहां निफ्टी 22500 अंक तक लुढ़क गया. तीन हफ्तों से बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं और निवेशकों का विश्वास डिगा दिया है. रिटेल निवेशक अब घबराए हुए हैं. इस जंग ने न सिर्फ बाजार बल्कि आम आदमी की कमाई को भी प्रभावित किया है.
वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार में एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है. डॉउ जोन्स में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. जापान के निक्केई 225 में 12 फीसदी से अधिक गिरावट आई, जिससे 60-70 लाख करोड़ रुपये का असर पड़ा. चीन के हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 8 फीसदी लुढ़के, जहां कुल नुकसान 100 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस जंग की चपेट में आ गई हैं.
भारतीय बाजार पर गहरा असर
भारत में सोमवार को निफ्टी 2.50 फीसदी टूटकर 22500 अंक के नीचे आ गया. तीन हफ्तों में निफ्टी और सेंसेक्स करीब 12 फीसदी गिर चुके हैं. जनवरी में निफ्टी 26373 के रिकॉर्ड स्तर पर था, अब 15 फीसदी नीचे है. बीएसई का मार्केट कैप 463 लाख करोड़ से घटकर 414 लाख करोड़ रुपये रह गया. यानी महज 25 दिनों में 50 लाख करोड़ रुपये गंवाए गए.
रिटेल निवेशकों की मुश्किलें
देश में 22 करोड़ डीमैट अकाउंट्स हैं और करोड़ों लोग म्यूचुअल फंड्स के जरिए बाजार से जुड़े हैं. पिछले 3-4 साल में नए निवेशकों के पोर्टफोलियो अब 25-30 फीसदी तक घाटे में हैं. कई लोगों का 15-20 फीसदी मुनाफा मिट गया और पूंजी भी प्रभावित हुई. कोविड के बाद बाजार में आई तेजी अब जंग की वजह से रुक गई है. निवेशक हाहाकार मचा रहे हैं.
भविष्य के लिए सलाह
इतिहास बताता है कि जंग या संकट के समय बाजार तेज गिरावट दिखाता है लेकिन कुछ महीनों बाद संभल जाता है. लंबे समय के निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए. नए निवेश के लिए ब्लूचिप कंपनियों में सीमित राशि लगाएं. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय तनाव जारी है, इसलिए सतर्क रहें. अगर जंग बढ़ी तो गिरावट और गहरी हो सकती है, लेकिन शांत होने पर रिकवरी भी तेज आएगी.