क्या 5 साल में पहली बार RBI दरों को करेगा कम? यहां जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मोनेटरी पॉलिसी समिति (MPC) शुक्रवार को अपनी पॉलिसी मीटिंग का फैसला सुनाने वाली है. इस बैठक की अध्यक्षता हाल ही में नियुक्त नए गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे.
RBI Interest Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मोनेटरी पॉलिसी समिति (MPC) शुक्रवार को अपनी पॉलिसी मीटिंग का फैसला सुनाने वाली है. इस बैठक की अध्यक्षता हाल ही में नियुक्त नए गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे. पिछले 5 सालों में पहली बार 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती होने की संभावना जताई जा रही है. आखिरी बार मई 2020 में RBI ने दरों में कटौती की थी.
हालांकि, विशेषज्ञों की राय इस पर बंटी हुई है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि RBI दरों में कटौती कर सकता है, जिससे यूजर डिमांड को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और रुपये को देखते हुए RBI दरों को स्टेबल रखा जा सकता है.
25 BPS की कटौती संभव:
अगर RBI दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करता है, तो यह कोविड-19 महामारी के बाद पहली कटौती होगी. फरवरी 2023 से अब तक रेपो रेट 6.5% पर स्टेबल है, जबकि मई 2022 से फरवरी 2023 तक इसे 250 bps बढ़ाया गया था. जियोजित फाइनेंसियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार का मानना है कि मार्केट में विकास की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए RBI दरों में कटौती कर सकता है, भले ही रुपये का कमजोर होना एक चिंता का विषय क्यों न बने.
बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस भी मानते हैं कि बजट में किए गए प्रोत्साहनों और घटती महंगाई को देखते हुए दरों में कटौती संभव है.
सरकार ने बजट 2025 में विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे RBI पर भी दरों में कटौती करने का दबाव बढ़ सकता है. भारत की जीडीपी वृद्धि दर Q2 FY25 में घटकर 5.4% रह गई है, जिससे आर्थिक विस्तार के लिए पॉलिसी सपोर्ट की जरूरत महसूस हो रही है.