पीएम मोदी की सलाह मान ली जाए तो मालामाल हो जाएगा भारत, हर साल बचेगी 45 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा
बता दें कि आयात बिल बढ़ने के कारण 1 मई को समाप्त हुए सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 690.7 बिलियन डॉलर रहा जो पिछले सप्ताह की तुलना में 7.8 बिलियन डॉलर कम है.
यदि भारत के लोग और व्यवसाय पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर विदेश से आयातित वस्तुओं का इस्तेमाल कम कर दें और अंतरराष्ट्रीय खर्च को रोक दें तो भारत साल भर में करीब 45 अरब डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा बचा सकता है. मनीकंट्रोल ने यह विश्लेषण किया है. यह अनुमान लोगों के अपेक्षाकृत मामूली व्यवहारिक परिवर्तनों पर आधारित है.
मान लीजिए कि भारत साल भर में कच्चे तेल, सोने और खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत की कमी, उर्वरक आयात में 50 प्रतिशत की कटौती और विदेशी यात्रा पर होने वाले खर्च को पूरी तरह रोक दे तो वित्तीय वर्ष 2026 के व्यापार आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल के आयात में 10 प्रतिशत की कमी से ही भारत को लगभग 13.5 अरब डॉलर की बचत हो सकती है. सोने के आयात में 10 प्रतिशत की कटौती से 7.2 अरब डॉलर की बचत हो सकती है वहीं वनस्पति तेल के आयात में 10 प्रतिशत की कमी से लगभग 1.95 अरब डॉलर की बचत होगी.
कच्चे तेल और सोने के बाद सबसे बड़ी बचत उर्वरकों से हो सकती है. पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने का आग्रह किया है और यदि आयात आधा कर दिया जाए तो वित्त वर्ष 2026 में 14.5 अरब डॉलर के उर्वरक आयात के आधार पर भारत लगभग 7.3 अरब डॉलर की बचत कर सकता है. इन चारों उपायों से मिलकर भारत का आयात बिल लगभग 30 अरब डॉलर तक कम हो जाएगा.
विदेशी यात्राओं में कमी से भी भारत को भारी बचत हो सकती है. उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत वित्त वर्ष 2026 में भारत से अनुमानित 28.8 अरब डॉलर की रकम बाहर भेजी गई थी. अगर हम यह मानकर चलें कि इस राशि का 55 प्रतिशत हिस्सा अंतरराष्ट्रीय यात्रा, छुट्टी मनाने और संबंधित खर्चों पर खर्च किया गया था, यदि एक साल तक हम इन खर्चों को पूरी तरह से बंद कर दें तो हम एक साल में करीब 15.8 अरब डॉलर बचा सकते हैं.
कुल मिलाकर वस्तु आयात में कमी लाने और विदेशी यात्रा सीमित करने से हमें सालाना 45 अरब डॉलर से अधिक की बचत हो सकती है जो भारत के वित्त वर्ष 2026 के विदेश से मंगाए गए माल के बिल का लगभग 5.8 प्रतिशत है. वहीं यदि भारत सोने की खरीद को पूरी तरह से रोक दे यो यह लगभग दोगुनी होकर 130 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है.
लगातार घट रहा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार
विदेशों से निवेश न आने और आयात बिल बढ़ने के कारण 1 मई को समाप्त हुए सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 690.7 बिलियन डॉलर रहा जो पिछले सप्ताह की तुलना में 7.8 बिलियन डॉलर कम है.
क्या बोले थे पीएम मोदी
बता दें कि 11 मई को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का हवाला देते हुए लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों का संयम के साथ इस्तेमाल करने का आह्वान किया था. उन्होंने कहा था कि ऐसा कर के हम ना केवल विदेशी मुद्रा को बचा सकते हैं बल्कि युद्ध के विपरीत प्रभाव को भी कम कर पाएंगे. उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना ना खरीदने की भी अपील की थी.