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1 साल में कितना सोना इंपोर्ट करता है भारत? जानकर खिसक जाएगी पैरों तले जमीन!

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि एक साल तक सोना न खरीदें. इससे विदेशी मुद्रा बचाई जा सकेगी. आइए जानते हैं भारत कितना सोना आयात करता है. सालाना आयात कितना होता है?पिछले कुछ सालों के आंकड़ों के अनुसार भारत हर साल 700 से 800 टन के आसपास सोना आयात करता है. 

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भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के उपभोक्ताओं में शामिल है. शादी-ब्याह, त्योहार और निवेश के लिए लोग सोने को बहुत पसंद करते हैं. लेकिन देश में सोने का उत्पादन बहुत कम है, इसलिए जरूरत का ज्यादातर हिस्सा विदेश से आयात करना पड़ता है. 

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि एक साल तक सोना न खरीदें. इससे विदेशी मुद्रा बचाई जा सकेगी. आइए जानते हैं भारत कितना सोना आयात करता है. सालाना आयात कितना होता है?पिछले कुछ सालों के आंकड़ों के अनुसार भारत हर साल 700 से 800 टन के आसपास सोना आयात करता है. 

वित्त वर्ष 2025-26 में आयात की मात्रा लगभग 721 टन रही, जो पिछले साल से थोड़ी कम थी. लेकिन कीमतें बढ़ने की वजह से आयात का बिल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस साल यह 71.98 अरब डॉलर (करीब 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) हो गया, जो पिछले साल के 58 अरब डॉलर से 24% ज्यादा है.


सोने का आयात बिल देश के कुल आयात में बड़ा हिस्सा रखता है. यह विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालता है क्योंकि ज्यादातर भुगतान डॉलर में होता है. घरेलू उत्पादन सिर्फ 5-10% ही है, बाकी 90-95% आयात पर निर्भर है.

सोना कहां से आता है?

स्विट्जरलैंड भारत को सोने की सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है. यह कुल आयात का करीब 40% हिस्सा पूरा करता है. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), दक्षिण अफ्रीका, पेरू और दूसरे देश भी सोना निर्यात करते हैं. स्विट्जरलैंड से आने वाला सोना उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है.

कहां होती है सबसे ज्यादा खपत?

दक्षिण भारत सोने का सबसे बड़ा बाजार है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मांग सबसे ज्यादा है. अकेले केरल पूरे भारत की सोने की खपत में करीब 20% योगदान देता है. यहां शादी-ब्याह और त्योहारों में सोने के आभूषणों की भारी मांग रहती है. उत्तर भारत में भी खपत अच्छी है, लेकिन दक्षिण की तुलना में कम.

पीएम मोदी की अपील क्यों?

वर्तमान में वैश्विक अनिश्चितता, तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव है. पीएम मोदी ने कहा कि एक साल तक सोना न खरीदने से विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है. इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सरकार पहले ही आयात ड्यूटी को उचित स्तर पर रखकर तस्करी रोकने की कोशिश कर रही है.