लगातार पांचवें दिन सोने के दामों में लगी 'आग', आज बनाया ऑल टाइम हाई का नया रिकॉर्ड; जानें कीमतों में कब लगेगा ब्रेक?
सोने की कीमतों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नया रिकॉर्ड बनाया है. कमजोर डॉलर, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण निवेशकों का रुझान लगातार सोने की ओर बढ़ रहा है.
नई दिल्ली: सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है. घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सोने के भाव ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर लगातार पांचवें सत्र में तेजी दर्ज की गई है. दिल्ली समेत देश के प्रमुख सराफा बाजारों में भी दाम तेज हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने इस तेजी को मजबूती दी है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने ने नया लाइफटाइम हाई बनाया है. फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह लगातार पांचवां सत्र है जब सोने में मजबूती देखने को मिली. इससे पहले यह 1,56,341 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. निवेशकों की मजबूत खरीदारी और वैश्विक संकेतों ने कीमतों को सहारा दिया.
दिल्ली सराफा बाजार में तेजी
अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,500 रुपये बढ़कर 1,58,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. पिछले सत्र में यह 1,57,200 रुपये पर बंद हुआ था. बुधवार को सोने ने 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था. सराफा कारोबारियों के मुताबिक नई मांग और सीमित आपूर्ति से दाम ऊपर गए.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने नई ऊंचाई छू ली है. हाजिर बाजार में सोना 4,967.41 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. कॉमेक्स बाजार में फरवरी डिलीवरी वाला सोना 4,970 डॉलर प्रति औंस तक चढ़ा. अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद ने कीमतों को मजबूत किया है.
विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस विशेषज्ञ सौमिल गांधी के अनुसार भू-राजनीतिक जोखिम, कमजोर डॉलर और निवेश मांग ने सोने को मजबूती दी है. मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, खासकर ग्रीनलैंड से जुड़ी खबरों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ाई है. यह मार्च 2020 के बाद का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है.
आगे क्या रह सकता है रुख
ऑगमोंट की शोध प्रमुख रेनिशा चैनानी के मुताबिक सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल आया है. एमसीएक्स पर रिकॉर्ड तेजी के पीछे वैश्विक जोखिम और अनुकूल आर्थिक माहौल है. बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, सोने की कीमतें मजबूत बनी रह सकती हैं और निवेशकों का भरोसा इसमें कायम रहेगा.