Indian Stock Market: ट्रंप के एक ऐलान से इन 5 भारतीय फार्मा शेयरों में आई बड़ी गिरावट, निवेशकों को लगा तगड़ा झटका

Indian Stock Market: ट्रंप द्वारा फार्मा सेक्टर पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के ऐलान से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे गिरे और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ.

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Km Jaya

Indian Stock Market: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फार्मा सेक्टर पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ा असर देखने को मिला है. ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्टर पर नए टैरिफ का ऐलान किया, जिसके चलते शुक्रवार सुबह से ही भारतीय बाजार दबाव में खुला और गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा.

शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स 412.67 अंक लुढ़ककर 80,747.01 पर आ गया. इसी तरह निफ्टी भी 115 अंकों की गिरावट के साथ 24,776 पर कारोबार कर रहा है. इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है, जिनका अमेरिकी बाजार में बड़ा कारोबार है.

भारत की नामी कंपनियों के टूटे शेयर 

ट्रंप के ऐलान के बाद भारत की कई नामी फार्मा कंपनियों के शेयर टूट गए. अरबिंदो फार्मा का शेयर 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर पहुंच गया. ल्यूपिन में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई और यह 1,918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा का शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और 3.8 फीसदी टूटकर 1,580 रुपये पर आ गया. सिप्ला के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, वहीं स्ट्राइड्स फार्मा साइंस 6 फीसदी टूटा. नैट्को फार्मा में 5 फीसदी, बॉयोकॉन में 4 फीसदी, ग्‍लैंड फार्मा में 3.7 फीसदी, डिविस लैब्स में 3 फीसदी, IPCA लैब्स में 2.5 फीसदी और जाइडस लाइफ में 2 फीसदी की गिरावट रही. मैनकाइंड फार्मा भी 3.30 फीसदी गिरकर निवेशकों को बड़ा झटका दे गया.

सबसे बड़ी गिरावट 

बीएसई टॉप 30 शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट सनफार्मा में दर्ज की गई. इसके अलावा इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयर भी 2 फीसदी तक टूटे. टॉप 30 शेयरों में से केवल पांच कंपनियों में ही तेजी देखने को मिली, बाकी ज्यादातर लाल निशान पर बंद हुईं. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बाजार भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है और ट्रंप की इस घोषणा से इन कंपनियों की आय पर सीधा असर पड़ सकता है. यही वजह है कि निवेशकों ने घबराकर फार्मा शेयरों में बिकवाली की. बाजार पर इसका असर केवल फार्मा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य सेक्टर भी दबाव में आ गए.