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ट्रंप के भाषण के बाद बढ़े क्रूड ऑइल के दाम, 105 डॉलर के पार पहुंची कीमत! जानें कैसी रहेगी आज भारतीय बाजार की ओपनिंग?

ट्रंप के ईरान पर दिए भाषण के बाद कच्चे तेल की कीमतें अचानक $105 के पार पहुंच गई हैं. ग्लोबल बाजारों में तेजी है, लेकिन GIFT Nifty फ्लैट ओपनिंग का संकेत दे रहा है. आज भारतीय शेयर बाजार मिला-जुला रुख दिखा सकता है.

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Kuldeep Sharma

आज 2 अप्रैल को शेयर बाजार की शुरुआत वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होने वाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध पर दिए गए भाषण के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ गया है. तेल $105 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. वहीं ग्लोबल शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख है, लेकिन भारतीय बाजार के लिए GIFT Nifty फ्लैट ओपनिंग का संकेत दे रहा है. निवेशक अब ट्रंप के बयान और तेल की कीमतों के असर को लेकर सतर्क हैं.

ट्रंप का भाषण और तेल की कीमतों में उछाल

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट के तेल की जरूरत नहीं है. उन्होंने भारत और चीन जैसे देशों से कहा कि वे खुद इस रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें. उनके सख्त बयान के बाद बेंट क्रूड की कीमत $99 से बढ़कर $105.95 पर पहुंच गई. WTI क्रूड भी $103.19 पर कारोबार कर रहा है. तेल की कीमतों में यह 4-5 प्रतिशत की तेजी बाजार को प्रभावित कर रही है.

ग्लोबल बाजारों में सकारात्मक रुख

ट्रंप के भाषण में युद्ध जल्द खत्म होने के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. अमेरिकी बाजार में बुधवार को नैस्डैक 1.16% और डॉव जोन्स 0.48% ऊपर बंद हुए. एशियाई बाजारों में भी आज सुबह तेजी देखने को मिल रही है. जापान का निक्केई 0.8% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.33% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. निवेशक अमेरिका के युद्ध से जल्द बाहर निकलने की उम्मीद कर रहे हैं.

भारतीय बाजार के लिए संकेत

आज भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग मिला-जुली रह सकती है. GIFT Nifty सुबह 32 अंक की हल्की गिरावट के साथ 22,819 पर ट्रेड कर रहा है, जो फ्लैट ओपनिंग का संकेत है. कल सेंसेक्स 1,186 अंक और निफ्टी 348 अंक की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे. विदेशी निवेशकों ने कल 8,072 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू निवेशकों ने 7,019 करोड़ रुपये की खरीदारी की.

तेल की कीमतों का असर

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि भारत तेल का बड़ा आयातक है. अगर तेल महंगा रहा तो मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और कंपनियों की लागत भी प्रभावित होगी. बाजार आज तेल की कीमतों, ट्रंप के आगे के बयानों और घरेलू आंकड़ों पर नजर रखेगा.