सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद उछला CCD का शेयर, 20% पर लगा अपर सर्किट; DK शिवकुमार कुमार से है खास कनेक्शन
कर्नाटक की सियासी हलचल और चौथी तिमाही में करीब 130 करोड़ रुपये के शानदार मुनाफे के दम पर 'कॉफी डे एंटरप्राइजेज' के शेयरों में भारी खरीदारी हुई, जिससे इसमें 20 फीसदी का अपर सर्किट लग गया.
राजनीति के गलियारों में होने वाली हलचल कब शेयर बाजार का पारा चढ़ा दे कहना मुश्किल है. ऐसा ही एक धमाका इस बार सीसीडी के शेयरों में देखने को मिला है. कर्नाटक की सियासत में आए एक नए मोड़ और कंपनी के शानदार नतीजों के दम पर 'कॉफी डे एंटरप्राइजेज' के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया है.
दरअसल कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कयास लगाए जा रहे हैं उनकी जगह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. इस सियासी चर्चा के आते ही कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी का अपर सर्किट लग गया.
सीसीडी और शिवकुमार में क्या है कनेक्शन?
अब आप सोच रहे होंगे कि राजनीति का कॉफी डे से क्या कनेक्शन? दरअसल डीके शिवकुमार का कॉफी डे ग्रुप से एक करीबी पारिवारिक रिश्ता है. उनकी बेटी ऐश्वर्या की शादी अमर्त्य हेगड़े से हुई है जो मशहूर 'कैफे कॉफी डे' चेन के संस्थापक दिवंगत वीजी सिद्धार्थ के बेटे हैं. इस पारिवारिक रिश्ते की वजह से निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई और बाजार में कॉफी डे के शेयरों को खरीदने की होड़ मच गई.
बेहतरीन तिमाही नतीजे भी रहे कारण
सिर्फ राजनीतिक चर्चा ही नहीं बल्कि कंपनी के बेहतरीन वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा जीतने में बड़ा रोल निभाया है. कॉफी डे एंटरप्राइजेज ने मार्च 2026 की तिमाही में शानदार वापसी की है. फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी को करीब 130 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को करीब 33 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था. इसके साथ ही कंपनी की कमाई में भी सुधार हुआ है और यह बढ़कर लगभग 280 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है जो इसके बेहतर होते कारोबार को दर्शाती है. कर्ज के बोझ से दबी कंपनी के लिए इन आंकड़ों को बेहद सकारात्मक माना जा रहा है.
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
बाजार के जानकारों का कहना है कि राजनीतिक अटकलों और दमदार मुनाफे के इस डबल डोज ने मिलकर शेयरों को रॉकेट बना दिया. वैसे यह पहली बार नहीं है जब कॉफी डे के शेयरों में इतनी तेजी आई हो. इससे पहले भी कर्ज कम करने और बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग की खबरों पर इसके शेयर कई बार अपर सर्किट छू चुके हैं. लेकिन जानकारों के मुताबिक हाल के सालों में यह सबसे मजबूत तेजी है. साल 2019 में संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के निधन के बाद से कंपनी लगातार कर्ज चुकाने और खुद को संभालने में जुटी थी और अब ये ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी आखिरकार वित्तीय मजबूती की तरफ बढ़ रही है.