8th Pay Commission: 3.25 फिटमेंट फैक्टर, सालाना 7% की वेतन वृद्धि, लागू हुआ ये फॉर्मूला तो कितनी बढ़ेगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी?
बुधवार को दिल्ली में वेतन आयोग और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों में फिटमेंट फैक्टर और सालाना वेतनवृद्धि को लेकर चर्चा होने वाली है.
8वें वेतन आयोग से संबंधित प्रमुख केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनभोगी संगठनों द्वारा 3.25 फिटमेंट फैक्टर 7% वार्षिक वेतनवृद्धि और रिटायरमेंट पर भुनाए जाने वाले अवकाशों की संख्या 300 से बढ़ाकर 400 करने जैसी मांगों पर चर्चा की जाएगी. वे बुधवार (25 फरवरी, 2026) को दिल्ली में राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष), संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं.
ये सभी मुद्दे एनसी (कर्मचारी-पक्ष)- जेसीएम की बैठक में ड्राफ्ट कमिटी की बैठक के दौरान संबोधित किए जाएंगे, जहां शीर्ष कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन 8वें वेतन आयोग से संबंधित सुझावों पर एक साझा ज्ञापन तैयार करेंगे. कमेटी का नेतृत्व करने वाले शिव गोपाल मिश्रा इस ज्ञापन को आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपेंगे.
यह बैठक जनपथ पर चंद्रलोक बिल्डिंग में आठवें वेतन आयोग को ऑफिस स्पेस मिलने के तुरंत बाद हो रही है जिससे इशारा मिलता है कि आयोग फॉर्मली अपने ऑपरेशनल स्टेज पर आ गया है.
क्यों जरूरी है यह बैठक
यह बैठक इसलिए जरूरी है क्योंकि कर्मचारी यूनियन यह पक्का करना चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार और इंक्रीमेंट जैसे मुद्दे कमीशन के सामने मजबूती से रखे जाएं. भले की ToR में उनका साफ तौर पर जिक्र न हो.
3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने एक एक सिंगल यूनिफॉर्म मल्टीप्लायर के बजाय मल्टी लेवल फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है. यह प्रस्ताव एक्रॉयड फॉर्मूला पर आधारित है जो चार सदस्यों वाले परिवार की जरूरतों के आधार पर मिनिमम लिविंग वेज की गणना करता है.
प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर
लेवल 1 से 5: 3.00 फैक्टर
लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10
लेवल 13 से 15: 3.05 से 3.15
लेवल 16 से 18: 3.25 तक
इस टियर वाले स्ट्रक्चर के पीछे का विचार निचले स्तर के कर्मचारियों को ज्यादा बेहतर सैलरी बढ़ोतरी देना है. लेवल 1 एंट्री-लेवल ग्रुप सी पोस्ट के लिए जबकि लेवल 18 कैबिनेट सेक्रेटरी के लिए है.
अगर सीपीसी फिटमेंट फैक्टर के सुझाव को मान लेती है तो सैलरी में इतना इजाफा हो सकता है.
लेवल 1-5: बेसिक सैलरी 54,000 रुपये से 87,000 के बीच हो सकती है.
लेवल 6-12: 1,08,000 रुपए से 2,44,300 रुपए हो सकती है.
लेवल 13-15: 3.61,500 रुपए से 5,74,000 रुपए हो सकती है.
लेवल 16-18: 6,57,300 रुपए से 8,12,500 रुपए हो सकती है.