क्या घर में धन नहीं टिकता? गलत समय पर झाड़ू लगाना बना रहा है आपको कंगाल; जानें सही नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. सुबह विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में झाड़ू लगाना शुभ माना जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद सफाई करने से बचने की सलाह दी जाती है.
नई दिल्ली: वास्तु शास्त्र में झाड़ू को सिर्फ सफाई का साधन नहीं बल्कि देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है. घर में खुशी, समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए झाड़ू के इस्तेमाल से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है. गलत तरीके से झाड़ू लगाने से न केवल घर में नकारात्मकता आती है, बल्कि आर्थिक तंगी भी हो सकती है.
वास्तु के अनुसार घर की सफाई की प्रक्रिया पर खास ध्यान देना चाहिए. सफाई हमेशा मुख्य द्वार के पास से शुरू करके घर के अंदरूनी हिस्सों जैसे रसोई, बेडरूम या लिविंग रूम की ओर करनी चाहिए. मुख्य द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है. इसलिए वहां से सफाई शुरू करने से घर में खुशी और सुख-समृद्धि आती है.
इसके विपरीत घर के अंदर से बाहर की ओर झाड़ू कभी नहीं लगानी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से घर की समृद्धि चली जाती है और सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है.
सफाई का क्या है सही समय?
वास्तु शास्त्र में काम करने का समय घर की ऊर्जा पर असर डालता है. सुबह खासकर ब्रह्म मुहूर्त झाड़ू लगाने के लिए सबसे अच्छा और शुभ समय माना जाता है.
सूर्यास्त के बाद या शाम के समय झाड़ू लगाना वर्जित माना जाता है क्योंकि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है.
अगर शाम को झाड़ू लगाना जरूरी हो जाए, तो इकट्ठा किया हुआ कचरा कभी भी बाहर नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.
झाड़ू के रखरखाव से जुड़ी जरूरी बातें
झाड़ू का अनादर करने से बचना चाहिए और इसके रखरखाव में सावधानी बरतनी चाहिए.
सफाई के बाद इकट्ठा किया हुआ कचरा घर में ज्यादा देर तक न रहने दें बल्कि उसे तुरंत फेंक दें क्योंकि जमा हुआ कचरा गरीबी को बुलावा देता है.
झाड़ू को कभी भी पैरों से न छुएं और न ही इसे घर में कहीं भी खुला छोड़ें.
इसे हमेशा किसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखें जहां यह आने-जाने वालों को दिखाई न दे. वास्तु के अनुसार शनिवार या किसी शुभ तिथि पर नई झाड़ू का इस्तेमाल शुरू करना बहुत फायदेमंद माना जाता है.