Prithvi Nath Mandir: कहां है एशिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग? जहां हर मन्नत होती है पूरी

ऐसी मान्यता है कि पृथ्वीनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना महाभारत काल में पांडवों द्वारा की गई थी. यही कारण है कि इस मंदिर को विशेष ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व प्राप्त है. यहां आने वाले भक्त सिर्फ दर्शन ही नहीं करते, बल्कि अपने दुख-सुख भगवान शिव को समर्पित कर मन्नतें मांगते हैं.

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Reepu Kumari

Prithvi Nath Mandir: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का एक नाम आज देशभर में चर्चा में है-पृथ्वीनाथ मंदिर. हाल ही में इस पवित्र स्थल पर जाने के दौरान एक भीषण हादसे में 11 लोगों की जान चली गई. ये सभी लोग भोलेनाथ के दर्शन और जल चढ़ाने जा रहे थे. इस दुखद घटना ने एक बार फिर पृथ्वीनाथ मंदिर को चर्चा में ला दिया है.

इस मंदिर की विशेषता सिर्फ इसका धार्मिक महत्व नहीं है, बल्कि यहां स्थापित शिवलिंग को एशिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग माना जाता है. भक्तों की मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं पांडवों ने की थी. यही वजह है कि हर साल यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.

एशिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, जो करता है आकर्षित

गोंडा जिले के खरगूपुर कस्बे में स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. यहां स्थापित शिवलिंग 54 फीट ऊंचा है, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बनाता है. इसकी विशालता श्रद्धालुओं को दूर-दूर से आकर्षित करती है. मंदिर का वातावरण भक्तिभाव और श्रद्धा से परिपूर्ण होता है, और यहां का माहौल हर किसी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है.


पांडवों से जुड़ी है मान्यता, श्रद्धा का गहरा रिश्ता

ऐसी मान्यता है कि पृथ्वीनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना महाभारत काल में पांडवों द्वारा की गई थी. यही कारण है कि इस मंदिर को विशेष ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व प्राप्त है. यहां आने वाले भक्त सिर्फ दर्शन ही नहीं करते, बल्कि अपने दुख-सुख भगवान शिव को समर्पित कर मन्नतें मांगते हैं.

हर मन्नत होती है पूरी, कहते हैं मंदिर के पुजारी

मंदिर के पुजारी जगदंबा प्रसाद तिवारी के अनुसार, जो भी सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा जरूर पूरी होती है. श्रावण मास में इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. कई भक्त तो पैदल यात्रा कर यहां तक पहुंचते हैं. हाल की दुर्घटना भले ही दुखद रही हो, पर श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है.

नोट: यहां दी गई जानकारी अलग-अलर रिपोर्ट से ली गई हैं. इंडिया डेली इसकी पुष्टी नहीं करता है