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मकर संक्रांति पर सूर्य देव को लगाएं ये खास भोग, मिलेगा धन-संपदा का आशीर्वाद!

मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. यह प्रमुख हिंदू त्योहार है, जिसमें सूर्य देव की पूजा, पवित्र स्नान, दान और विशेष भोजन अर्पित कर समृद्धि व आशीर्वाद की कामना की जाती है. सूर्य का मकर राशि प्रवेश शुभ उत्तरायण की शुरुआत दर्शाता है.

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Princy Sharma

नई दिल्ली: मकर संक्रांति सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है. पूरे भारत में हर साल बहुत खुशी और भक्ति के साथ मनाया जाता है. 2026 में, मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी और इस त्योहार का गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. इस शुभ दिन पर, भक्त भगवान सूर्य (सूर्य देव) की पूजा करते हैं, जिन्हें ऊर्जा, जीवन और समृद्धि का स्रोत माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि मकर संक्रांति पर सूर्य देव को प्रार्थना और विशेष भोजन अर्पित करने से जीवन में खुशी, धन और दिव्य आशीर्वाद आता है.

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो एक शुभ अवधि की शुरुआत का प्रतीक है. यह त्योहार पवित्र स्नान, दान और विशेष अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है. लोग पारंपरिक भोजन भी बनाते हैं और भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए उन्हें भोग के रूप में अर्पित करते हैं.

गुड़ से बनी मिठाई

मकर संक्रांति पर सबसे महत्वपूर्ण प्रसाद में से एक गुड़ से बनी मिठाइयां हैं. गुड़ को बहुत शुद्ध और सूर्य देव को प्रिय माना जाता है. इस दिन गुड़ से बनी मिठाइयां चढ़ाने से समृद्धि बढ़ती है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में मिठास आती है. कई भक्त परिवार और दोस्तों के बीच गुड़ की मिठाइयां भी बांटते हैं.


खिचड़ी 

एक और महत्वपूर्ण प्रसाद खिचड़ी है, जो चावल और दाल से बनाई जाती है. मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और सूर्य देव को अर्पित करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. यह भी कहा जाता है कि इससे घर में वृद्धि, स्थिरता और प्रचुरता आती है.

तिल के लड्डू

तिल के लड्डू भी मकर संक्रांति समारोह का एक अनिवार्य हिस्सा हैं. भगवान सूर्य को तिल के लड्डू चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे खुशी मिलती है, रिश्ते बेहतर होते हैं और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा होती है. तिल के बीज गर्मी और सकारात्मकता से जुड़े हैं, जो उन्हें इस सर्दियों के त्योहार के लिए आदर्श बनाते हैं.

कब है मकर संक्रांति?

मकर संक्रांति, 14 जनवरी दिन बुधवार को है सूर्य दोपहर 3 बजकर 6 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे. ऐसे में पुण्यकाल का समय दिन में 8 बजकर 42 मिनट पर होने वाला है. महापुण्य काल मुहूर्त सुबह 8 बजकर 40 मिनट से शुरू होगा 9 बजकर 4 मिनट तक तक रहेगा.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.